हिमाचल: विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सीएम सुक्खू की अपील, बागवानी क्षेत्र के लिए भी बड़े निर्देश

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विश्व रेड क्रॉस दिवस 2026 के अवसर पर शिमला में बच्चों और स्वयंसेवकों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रेड क्रॉस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा और आपातकालीन स्थितियों में यह धनराशि जरूरतमंदों की मदद के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सरकार ने बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एचपीएमसी को आगामी सीजन के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

मानवीय सेवा के लिए एकजुट होने का आह्वान

मुख्यमंत्री सुक्खू ने रेड क्रॉस स्वयंसेवकों द्वारा भेंट किए गए स्टिकर को स्वीकार किया। उन्होंने इस दौरान स्वयं के वेतन से भी कोष में योगदान दिया। सीएम ने जोर देकर कहा कि समाज के समृद्ध वर्ग को संकटग्रस्त लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। एकत्रित संसाधन आपात स्थितियों में समय पर जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने में सक्षम होते हैं। इस अवसर पर राज्य रेड क्रॉस सोसाइटी के अस्पताल कल्याण अनुभाग की सचिव डॉ. किमी सूद भी मौजूद रहीं।

सेब उत्पादकों के लिए एचपीएमसी को कड़े निर्देश

एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एचपीएमसी की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने निगम को निर्देश दिए कि बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत सेब की खरीद के लिए पूरी तैयारी रखें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि सीजन शुरू होने से काफी पहले खरीद केंद्रों को अधिसूचित किया जाए। इससे उत्पादकों को अपना माल बेचने में कोई असुविधा नहीं होगी।

एमआईएस के तहत रिकॉर्ड खरीद का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सुक्खू ने जानकारी दी कि साल 2025 में एचपीएमसी ने रिकॉर्ड 98,540 मीट्रिक टन सेब की खरीद की थी। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार ने अब खरीद की पूरी जिम्मेदारी एचपीएमसी को सौंप दी है, जिसे पहले हिमफेड के साथ साझा किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एकल एजेंसी व्यवस्था को भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।

किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर

राज्य सरकार सेब बागवानों के लिए अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल और किसान-हितैषी बनाया जा रहा है। एचपीएमसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे विपणन और प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें। इससे न केवल सेब की बर्बादी कम होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हिमाचल के सेब की मांग और बेहतर मूल्य सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बोर्ड परीक्षा परिणाम और पर्यटन विकास

इसी बीच हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा के नतीजे भी घोषित कर दिए हैं। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। दूसरी ओर, सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई ‘सीक्रेट डेस्टिनेशंस’ विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ स्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है। इन पहलों से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

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