अंडमान के समंदर में रचा गया इतिहास, लहरों के नीचे लहराया दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा

Andaman News: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने शनिवार को एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। समंदर की अगाध गहराई में दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर भारत ने नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है। राधानगर बीच के पास पानी के नीचे 60×40 मीटर के विशाल तिरंगे को फहराया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल पर्यटन बल्कि राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी नया अध्याय जोड़ दिया है।

विशेष तकनीक से पानी में फहराया ध्वज

स्वराज द्वीप के गहरे नीले पानी में इस विशाल तिरंगे को फहराना किसी चुनौती से कम नहीं था। प्रशिक्षित गोताखोरों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इस मिशन को अंजाम दिया। समुद्र के भीतर ध्वज को स्थिर रखने के लिए विशेष वेटेड फ्रेम और मजबूत रस्सियों का उपयोग किया गया। इस तकनीक की मदद से तिरंगा पानी के तेज बहाव में भी संतुलित रहा और पूरी भव्यता के साथ लहराता हुआ दिखाई दिया।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

शनिवार सुबह 10:35 बजे इस अद्भुत दृश्य को देख रहे लोग गर्व से भर उठे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक जज ऋषि नाथ ने इस उपलब्धि की गहन जांच की। मानकों पर खरा उतरने के बाद उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवाटर फ्लैग घोषित किया। इसके बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर प्रमाणपत्र सौंपा। यह रिकॉर्ड समुद्री समन्वय और भारत की तकनीकी क्षमता का लोहा पूरी दुनिया में मनवाने वाला साबित हुआ है।

टीम वर्क और समर्पण की अनूठी मिसाल

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने दिन-रात मेहनत की। सभी एजेंसियों के बीच सटीक तालमेल की वजह से ही इतने बड़े ध्वज को पानी के अंदर फैलाना संभव हो सका। उप राज्यपाल डीके जोशी ने इस अवसर पर सभी टीमों को बधाई दी। उन्होंने इसे टीम वर्क, अटूट समर्पण और राष्ट्र के प्रति अगाध प्रेम का एक बड़ा प्रतीक बताया है।

देशभर में गर्व की लहर

अंडमान के राधानगर बीच पर बना यह रिकॉर्ड सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 60×40 मीटर के विशाल तिरंगे को पानी के दबाव के बीच सही ढंग से प्रदर्शित करना इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है। इस सफलता से अंडमान में साहसिक पर्यटन को भी नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। अब यह द्वीप न केवल प्राकृतिक सुंदरता बल्कि इस विश्व रिकॉर्ड के लिए भी जाना जाएगा।

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