Jammu Kashmir News: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पंजाब में हुए हालिया विस्फोटों पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में ऐसी छिटपुट घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। अब्दुल्ला ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया। उनके इस बयान के बाद देश की सियासत गरमा गई है और विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर उठाए सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार की सुरक्षा नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई घटना होती है, तो उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उन्होंने खुफिया तंत्र की विफलता की ओर इशारा करते हुए पूछा कि सुरक्षा एजेंसियां इसे रोकने में सक्षम क्यों नहीं हैं? अब्दुल्ला ने तर्क दिया कि केवल नारों से आतंकवाद खत्म नहीं होगा। इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को अपनी कमियां स्वीकार करनी चाहिए।
शांति बहाली के लिए बातचीत को बताया जरूरी
अब्दुल्ला ने एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना संवाद के सीमावर्ती राज्यों में शांति स्थापित करना नामुमकिन है। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का अंतिम समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने कश्मीर और पंजाब के हालातों की तुलना करते हुए सरकार को चेतावनी दी। उनका मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं होगा, आम लोग ऐसे ही मरते रहेंगे।
राजनीतिक दलों ने फारूक अब्दुल्ला को घेरा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब्दुल्ला के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री विस्फोटों को सामान्य बताकर सुरक्षा बलों के बलिदान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान केवल उन ताकतों को फायदा पहुंचाते हैं जो भारत को अस्थिर करना चाहती हैं। अब्दुल्ला के इस रुख को चुनावी राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। अन्य दलों ने भी संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है।
पंजाब में सुरक्षा अलर्ट और जांच तेज
पंजाब में हुए धमाकों के बाद राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अमृतसर और अन्य संवेदनशील शहरों में सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है। एनआईए की टीमें विस्फोट के कारणों और संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पंजाब सरकार ने शांति बनाए रखने के लिए जनता से सहयोग मांगा है। फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां अपने खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने में जुटी हुई हैं।

