New Delhi News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भगोड़े प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इंटरपोल के रेड नोटिस का सामना कर रहा सिंह 13 मई, 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली पहुंचा। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम उसे बाकू से लेकर आई है। यह ऑपरेशन मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
बहु-एजेंसी समन्वय और ऑपरेशन की सफलता
यह जटिल ऑपरेशन विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल का परिणाम है। प्रभदीप सिंह को एक बड़े नशीले पदार्थों के सिंडिकेट का मुख्य सरगना माना जाता है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। दिल्ली पुलिस की ‘स्पेशल सेल’ ने पहले इस सिंडिकेट पर कार्रवाई की थी, जिसमें भारी मात्रा में अवैध ड्रग्स बरामद हुए थे। सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए अजरबैजान भाग गया था, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों ने उसका लगातार पीछा किया।
इंटरपोल और भारतपोल नेटवर्क की भूमिका
CBI ने भारत में ‘नेशनल सेंट्रल ब्यूरो’ के रूप में अपनी शक्ति का उपयोग करते हुए ‘भारतपोल’ (BHARATPOL) नेटवर्क के जरिए इस प्रत्यर्पण को सुगम बनाया। अजरबैजान के अधिकारियों द्वारा बाकू में सिंह की पहचान और गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ने से 160 से अधिक अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। प्रभदीप सिंह की वापसी भारत की न्याय प्रणाली के लिए एक बड़ी जीत है, जिससे नार्को-सिंडिकेट की कमर पूरी तरह टूट गई है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
भारत पहुंचने के तुरंत बाद प्रभदीप सिंह को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है ताकि संबंधित मामलों में गहन पूछताछ की जा सके। उस पर नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस मामले में पहले ही कई सह-साजिशकर्ता जेल की सलाखों के पीछे हैं। अधिकारियों का मानना है कि सिंह से पूछताछ के दौरान इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य संपर्कों और वित्तीय लेन-देन के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की पूरी संभावना है।

