मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन, अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें, अखिलेश के भाई के जाने से सपा कुनबे में शोक

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। बुधवार सुबह हुई इस हृदयविदारक घटना ने न केवल यादव परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों को स्तब्ध कर दिया है। लखनऊ के सिविल अस्पताल में उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि कर दी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई थीं प्रतीक यादव की धड़कनें

सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि प्रतीक यादव को सुबह करीब 5:55 बजे इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। जब उन्हें अस्पताल परिसर पहुंचाया गया, तब उनकी नब्ज पूरी तरह बंद हो चुकी थी और हृदय गति भी नहीं चल रही थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था, जिसके कारण डॉक्टरों द्वारा तत्काल इलाज शुरू करने के बावजूद उन्हें पुनर्जीवित करना संभव नहीं हो सका।

घर के स्टाफ और साले अमन बिष्ट लेकर पहुंचे थे सिविल अस्पताल

जिस समय प्रतीक यादव की शारीरिक स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ी, उनके घर के वफादार कर्मचारी और उनके साले अमन बिष्ट तुरंत उन्हें लेकर सिविल अस्पताल की ओर भागे थे। परिजनों ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की गुहार लगाई थी, लेकिन समय की क्रूरता के कारण प्रतीक को बचाया नहीं जा सका। प्रतीक यादव की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर भारी भीड़ और मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया।

लखनऊ से बाहर थीं पत्नी अपर्णा यादव, असम में मिली दुखद सूचना

प्रतीक यादव की पत्नी और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव इस संकट के समय लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वह पिछले तीन-चार दिनों से राज्य से बाहर अपने पूर्व निर्धारित दौरों पर थीं। अपर्णा यादव पहले गुजरात के सोमनाथ दर्शन के लिए गई थीं और उसके बाद वे असम के दौरे पर थीं। पति के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही वह गहरे सदमे में हैं और तत्काल लखनऊ वापसी के लिए रवाना हो चुकी हैं।

लंबे समय से खराब था स्वास्थ्य, मेदांता में भी चला था इलाज

सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव पिछले काफी समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारी से जूझ रहे थे। कुछ समय पूर्व ही उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सुप्रसिद्ध मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया और उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ने स्वयं अस्पताल जाकर डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की प्रगति की जानकारी ली थी। बीमारी के लंबे संघर्ष के बाद बुधवार को आखिरकार उनके जीवन का दुखद अंत हो गया।

डॉक्टरों का विशेष पैनल करेगा पोस्टमार्टम, होगी वीडियोग्राफी

प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा किया जाएगा, जिसमें तीन से पांच विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे। प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं। पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में चेस्ट एक्सरे के बाद ही विच्छेदन की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

प्रशासन ने तैनात किया भारी पुलिस बल, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रतीक यादव के निधन की संवेदनशीलता को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने सिविल अस्पताल और केजीएमयू के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी है। कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था और शांति बनी रहे। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है। पुलिस अधिकारी स्वयं स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

राजनीति से दूर रहे प्रतीक, फिट बॉडी और जिम के थे शौकीन

मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक यादव ने हमेशा खुद को सक्रिय राजनीति की चकाचौंध से दूर रखा था। जहां उनका पूरा परिवार उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा, वहीं प्रतीक ने अपना ध्यान बिजनेस और बॉडीबिल्डिंग की ओर केंद्रित किया था। उनकी पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रमुख नेता हैं। प्रतीक का इस तरह असमय चले जाना उनके प्रशंसकों और यादव परिवार के लिए एक कभी न भरने वाली क्षति है।

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