China News: चीन में इन दिनों एक अनोखी तकनीक सुर्खियों में है जिसे लोग ‘गोल्ड एटीएम’ का नाम दे रहे हैं। यह मशीन देखने में बिल्कुल सामान्य एटीएम की तरह लगती है लेकिन इससे पैसे निकालने के बजाय लोग अपने सोने के गहने जमा करते हैं। मशीन अंदर ही अंदर सोने की शुद्धता और वजन की जांच कर उसकी सही कीमत आंकती है और महज 30 मिनट के भीतर रकम सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती है।
किंगहुड ग्रुप ने तैयार की हाईटेक मशीन
चीन की किंगहुड ग्रुप नामक कंपनी ने इस अत्याधुनिक मशीन को विकसित किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई या परेशान करने वाली पहचान जांच के काम करती है। उपयोगकर्ता को बस अपने गहने मशीन में डालने होते हैं। इसके बाद मशीन लगभग 1200 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान पर सोने को पिघलाकर उसकी शुद्धता का सटीक विश्लेषण करती है।
इस पूरी प्रक्रिया में किसी बिचौलिए या सुनार की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी ने मशीन में सोना जमा करने के लिए न्यूनतम सीमा तीन ग्राम तय की है। इसके अलावा जमा किए जाने वाले सोने की शुद्धता कम से कम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य है। शुद्धता और वजन तय होने के बाद मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से कीमत का निर्धारण किया जाता है।
30 मिनट में खाते में पहुंच जाती है रकम
गोल्ड एटीएम की कार्यप्रणाली बेहद तेज और पारदर्शी है। गहना जमा करने के बाद मशीन उसका मूल्यांकन करती है और उसी अनुपात में भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर देती है। रिपोर्ट के अनुसार यह पूरा चक्र मात्र 30 मिनट में पूरा हो जाता है और ग्राहक के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। यह प्रणाली उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्हें आपातकालीन स्थिति में तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है।
एक मामले में एक व्यक्ति ने अपनी 40 ग्राम वजनी सोने की चेन इस मशीन में डाली। मशीन ने 9200 रुपये प्रति ग्राम की दर से उस चेन की कीमत लगभग 4.2 लाख रुपये आंकी। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी रकम आधे घंटे के भीतर उस व्यक्ति के अकाउंट में जमा हो गई। यह गति और सुविधा पारंपरिक सोना बेचने के तरीकों में लगभग असंभव है।
पारदर्शिता और भरोसे का नया जरिया
चीन के विभिन्न शहरों में लगाई गई इन मशीनों को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर तो इन मशीनों का उपयोग करने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ रही है। नागरिकों को यह तकनीक इसलिए भी रास आ रही है क्योंकि यह पूरी तरह से स्वचालित है। इसमें मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर होने के कारण धोखाधड़ी या गलत मूल्यांकन का डर काफी हद तक खत्म हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मशीन आम लोगों के लिए वित्तीय समावेशन का एक नया जरिया बन सकती है। अक्सर लोग तत्काल धन की जरूरत होने पर स्थानीय सराफा व्यापारियों या साहूकारों के पास जाते हैं जहां उन्हें कम कीमत या ऊंचे ब्याज का सामना करना पड़ता है। गोल्ड एटीएम इस पूरे अनुभव को बदलकर रख देता है। यह न केवल उचित मूल्य सुनिश्चित करता है बल्कि पूरी लेन-देन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता भी बनाए रखता है।
भविष्य में अन्य देशों में भी दिख सकती है ऐसी सुविधा
गोल्ड एटीएम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार आधुनिक प्रौद्योगिकी सदियों पुरानी परंपराओं और जरूरतों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। भारत जैसे देशों में जहां सोना न केवल आभूषण बल्कि एक सुरक्षित निवेश और आपातकालीन संपत्ति भी माना जाता है, ऐसी मशीनें बेहद कारगर साबित हो सकती हैं। यह तकनीक विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए फायदेमंद होगी जिनके पास सोना तो है लेकिन औपचारिक बैंकिंग प्रणाली तक पहुंच सीमित है।
हालांकि अभी यह तकनीक चीन तक ही सीमित है लेकिन इसकी लोकप्रियता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में दुनिया के अन्य देश भी इस मॉडल को अपना सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो लोगों को अपने पुराने या अनुपयोगी गहनों को भुनाने के लिए पारंपरिक बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक बटन दबाते ही सोना नकदी में बदल जाएगा और वह भी पूरी सुरक्षा और भरोसे के साथ।
