World News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक ईरानी कार्गो जहाज पर चेतावनी के बाद फायरिंग कर दी और उसे जब्त कर लिया। इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले का दावा किया है। दोनों पक्षों के बीच सीजफायर टूट गया है और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका ने जहाज को छह घंटे चेतावनी दी, फिर किया हमला
अमेरिकी युद्ध विभाग ने जब्त किए गए ईरानी जहाज ‘तौस्का’ का वीडियो जारी किया है। अमेरिकी बलों ने दावा किया कि जहाज ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था और अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था। गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुआंस ने जहाज को छह घंटे तक बार-बार चेतावनी दी। चेतावनी मानने से इनकार करने पर डिस्ट्रॉयर ने 5-इंच तोप से कई राउंड फायर करके जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया और उसकी प्रणोदन व्यवस्था को निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर बोर्डिंग की। जहाज अभी भी अमेरिकी हिरासत में है।
ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन हमले का दावा किया
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाया। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस पूरी घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी बलों ने बताया कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अब तक 25 वाणिज्यिक जहाजों को ईरानी बंदरगाह से दूर रहने या वापस लौटने का निर्देश दिया गया है। अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को ‘सोच-समझकर, पेशेवर और समानुपातिक’ बताया है। वहीं, ईरान ने इसे आक्रामकता करार दिया है। अब दोनों पक्षों के बीच युद्ध की आशंका फिर से पैदा हो गई है।
