India News: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण एलपीजी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब तक 39,000 से अधिक पीएनजी धारकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस लौटा दिए हैं। सरकार ने पीएनजी के साथ-साथ एलपीजी कनेक्शन रखने वालों से अपील की थी कि वे अपने सिलिंडर सरेंडर करें। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर पीएनजी उपलब्ध होने पर भी एलपीजी नहीं छोड़ी गई तो गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा।
एलपीजी की कमी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी
सरकार का यह कदम देश में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने और एलपीजी की जमाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है। 18 अप्रैल को 2,400 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 264 एलपीजी वितरण केंद्रों पर जुर्माना लगाया और 67 अन्य के लाइसेंस निलंबित कर दिए। शनिवार को 53.50 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी की गई। ऑनलाइन बुकिंग भी 98 प्रतिशत हो गई है।
पीएनजी कनेक्शन में तेजी, 4.85 लाख से अधिक चालू
मार्च 2026 से अब तक 4.85 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। वहीं, 5.43 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। सरकार ने घरेलू पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की सौ प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया है। पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। यह कदम युद्धग्रस्त क्षेत्र से तेल आपूर्ति पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी अहम है।
भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचेगा
भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर ‘देश गरिमा’ के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। सरकार भारतीय मिशनों के साथ मिलकर समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और शिपिंग संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने में जुटी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 28 फरवरी से अब तक लगभग 10.97 लाख भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान में भारतीय दूतावास ने 2,378 भारतीय नागरिकों की निकासी में मदद की है। ये लोग ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते जमीनी मार्ग से निकले हैं।
