Srinagar News: श्रीनगर हवाई अड्डे पर सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान जवानों ने दो अमेरिकी नागरिकों से एक सैटेलाइट फोन बरामद किया है। भारत में बिना सरकारी अनुमति सैटेलाइट फोन रखना गैरकानूनी है। इस घटना से खुफिया एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गई हैं। पुलिस दोनों विदेशी नागरिकों से लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारी जांच कर रहे हैं कि उन्होंने यह उपकरण कहां से लिया। सुरक्षा एजेंसियां उनके संपर्कों को बारीकी से खंगाल रही हैं।
भारत में सैटेलाइट फोन पर प्रतिबंध के कड़े नियम
भारत सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर कड़े नियम लागू किए हैं। भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के अनुसार थुरैया और इरिडियम कंपनियों के फोन पूरी तरह बैन हैं। बिना दूरसंचार विभाग की अनुमति इनका उपयोग करना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे उपकरणों का अवैध इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को सीधे जेल जाना पड़ सकता है। पुलिस ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करके सख्त कानूनी कार्रवाई करती है। नागरिकों को हमेशा ऐसे उपकरणों से दूर रहना चाहिए।
सैटेलाइट नेटवर्क और आम मोबाइल में बड़ा अंतर
हमारे साधारण स्मार्टफोन नजदीकी टेलीकॉम टावर पर निर्भर करते हैं। इसके विपरीत सैटेलाइट फोन सीधे अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रहों से जुड़ते हैं। ये घने जंगलों, रेगिस्तान और पहाड़ों वाले दुर्गम इलाकों में भी काम करते हैं। इसी खासियत के कारण असामाजिक तत्व इनका गलत इस्तेमाल करते हैं। इनमें नेटवर्क के लिए बड़े एंटीना लगे होते हैं। आम मोबाइल की तुलना में ये काफी भारी होते हैं। एजेंसियां इन फोन्स की हमेशा बारीकी से निगरानी करती हैं।
अनुमति के बिना इस्तेमाल करने पर होगी सख्त कार्रवाई
किसी भी विदेशी या भारतीय नागरिक को ऐसे उपकरण रखने के लिए दूरसंचार विभाग से लिखित अनुमति लेनी पड़ती है। सामान्य मोबाइल की तुलना में इन उपकरणों को ट्रैक करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी मुश्किल होता है। इसके बावजूद आधुनिक तकनीक से पुलिस इनका पता लगा ही लेती है। आम लोगों को सड़क या कहीं और ऐसा संदिग्ध फोन मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए। भूलकर भी इनसे कोई नंबर डायल नहीं करना चाहिए।
