Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़े शिक्षा घोटाले का पर्दाफाश किया है। फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में स्कूल चेयरमैन को एक महीने पहले ही जेल भेजा जा चुका है। प्रबंधन ने छात्रों को दसवीं कक्षा की फर्जी मान्यता का झांसा दिया था। स्कूल में पच्चीस बच्चों को अवैध रूप से दाखिला मिला था। सीबीएसई की फर्जी मान्यता से अभिभावकों से लगातार भारी फीस वसूली गई।
एडमिट कार्ड न मिलने पर हुआ खुलासा
यह गंभीर मामला तब सामने आया जब दसवीं कक्षा की एक छात्रा के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में सेक्टर नौ बी के एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। छात्रा को बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं दिया गया था। सत्रह फरवरी को ग्यारह छात्र एडमिट कार्ड न मिलने के कारण गणित की परीक्षा नहीं दे पाए थे। इसके बाद अठारह फरवरी को अभिभावकों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया।
गुजरात से पकड़ी गई फरार प्रिंसिपल
मुकदमा दर्ज होने के बाद स्कूल की प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गई थीं। वह बसई गांव की रहने वाली हैं। पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश कर रही थीं। जांच के दौरान पुलिस को उनके गुजरात में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली। गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत गुजरात पहुंचकर आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे इस पूरे घोटाले के बारे में पूछताछ कर रही है।
छात्रों का एक साल हुआ बर्बाद
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताया था। प्रबंधन ने अभिभावकों का भरोसा जीतने के लिए एक जाली प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिखाया था। इस भारी गलती की वजह से कई मासूम छात्रों का एक साल पूरी तरह बर्बाद हो गया है। उनका भविष्य अब गहरे संकट में पड़ गया है। जांच में पता चला है कि इस स्कूल के पास केवल आठवीं कक्षा तक की ही विभागीय मान्यता उपलब्ध थी।
