Himachal Pradesh News: राज्य सरकार ने तबादलों और एडजस्टमेंट की फाइलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अब ऐसी फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में नहीं भेजी जाएंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय में इन फाइलों का भारी ढेर लग चुका है। राज्य सरकार पहले ही तबादलों पर पूरी तरह रोक लगा चुकी है। इसके बावजूद विभिन्न विभाग लगातार फाइलें तैयार कर रहे हैं। ये फाइलें मुख्यमंत्री तक पहुंच रही हैं।
सीएम ऑफिस में लगा फाइलों का अंबार
मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ी संख्या में तबादले की फाइलें जमा हो गई हैं। लंबित फाइलों के इस अंबार से सरकार की निर्णय लेने की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जरूरी नीतिगत फैसलों में भी बेवजह देरी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण सरकार ने सभी विभागों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि अत्यंत आवश्यक प्रस्ताव ही मुख्यमंत्री तक भेजे जाएं।
रूटीन एडजस्टमेंट पर विभाग खुद लें फैसला
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य या रूटीन एडजस्टमेंट के मामलों को विभागीय स्तर पर ही निपटाया जाए। इन छोटे मामलों के लिए फाइलें उच्च स्तर पर भेजने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार का मानना है कि तबादलों पर लगी रोक के दौरान ऐसी फाइलें भेजना नीतिगत निर्णयों का खुला उल्लंघन है। यह कदम प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है। विभागों के सचिवों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
बार-बार तबादलों की फाइलें आने से पारदर्शिता और प्रशासनिक अनुशासन दोनों पर गहरा असर पड़ता है। सरकार अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अनावश्यक रूप से फाइलें भेजने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। सरकार ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। अब फाइलों की सख्ती से निगरानी की जाएगी।
