ईरान के ड्रोन हमले में 19 साल की महिला कुर्द फाइटर की मौत, अस्पताल ने ठुकराया इलाज, पति ने लाइब्रेरी में दी मां को विदाई

Iraq News: उत्तरी इराक में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ड्रोन हमले में एक युवा कुर्द महिला फाइटर की मौत हो गई। मारी गई फाइटर का नाम गजल मोलन है। वह सिर्फ 19 साल की थीं और कुर्द विपक्षी समूह ‘कोमला’ से जुड़ी थीं। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गईं। अस्पतालों ने इलाज से इनकार कर दिया। आखिरकार उन्होंने एक लाइब्रेरी में अपने साथियों और पति के बीच अंतिम सांस ली। यह घटना कुर्दिस्तान के लिए एक बड़ा सदमा है।

IRGC के ड्रोन हमले में बुरी तरह घायल हुई थीं गजल

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने उत्तरी इराक में एक ड्रोन हमला किया। इस हमले का निशाना कुर्द विपक्षी समूहों को बताया जा रहा है। हमले में कोमला पार्टी की पेशमर्गा सैनिक गजल मोलन बुरी तरह घायल हो गईं। कोमला पार्टी के केंद्रीय समिति सचिवालय ने पुष्टि की है कि वह एक बहादुर लड़ाकू थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अब वह कुर्दिस्तान के शहीदों की सूची में शामिल हो गई हैं।

कौन थीं गजल मोलन? सबसे कम उम्र की महिला लड़ाकू

गजल मोलन को कुर्द पेशमर्गा रैंकों में सबसे कम उम्र की महिला लड़ाकू माना जाता था। वह उत्तरी इराक में सक्रिय वामपंथी कुर्द समूहों से जुड़ी थीं। साथी लड़ाकों ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन वहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं थीं। इसलिए उन्हें बख़्शीन अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। मगर वहां के कर्मचारियों ने इलाज करने से साफ इनकार कर दिया। उन्हें डर था कि कुर्द सशस्त्र समूह के किसी व्यक्ति का इलाज करने में वे मुश्किल में पड़ जाएंगे।

अस्पताल ने 45 मिनट तक नहीं मानी गुहार

गजल के साथी कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने बख़्शीन अस्पताल में भर्ती के लिए बहुत मिन्नतें कीं। उसकी हालत बहुत नाजुक थी, लेकिन करीब 45 मिनट तक गुहार लगाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं माना। उसके शरीर को स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया। कारण था कि वह एक वामपंथी पेशमर्गा समूह से जुड़ी थीं। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल, फारुक मेडिकल सेंटर ले जाया गया। लेकिन तब तक उसकी हालत बहुत खराब हो चुकी थी। पहुंचते-पहुंचते उसने दम तोड़ दिया।

लाइब्रेरी में साथियों ने दी विदाई, पति भी रहा मौजूद

कोई भी चिकित्सा सुविधा उसे लेने के लिए तैयार नहीं थी। इसलिए उसके दोस्त और साथी उसका शव सुलेमानियाह में एक लाइब्रेरी के अंदर ले गए। वहां उन्होंने अंतिम संस्कार की तैयारी की। इस दौरान उसके पति भी वहां मौजूद थे। उन्होंने अपनी पत्नी को आखिरी विदाई दी। यह दृश्य बेहद मार्मिक था। गजल मोलन की मौत ने एक बार फिर उत्तरी इराक में चल रहे संघर्ष और चिकित्सा सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। कुर्द समुदाय में इस घटना से शोक की लहर है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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