Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रक्कड़ के पास दो युवकों ने एक बुजुर्ग टैक्सी चालक की बेरहमी से हत्या करने की कोशिश की। आरोपियों ने चालक पर चाकू से हमला किया और रस्सी से गला घोंटकर उसे मरा हुआ समझ लिया। इसके बाद वे उसे जंगल में फेंककर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने 24 घंटे के भीतर चालक को जिंदा ढूंढ निकाला और दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
जंगल में मिली अधमरी हालत में टैक्सी चालक की जान
पुलिस ने इस मामले में खुंडियां के रहने वाले अमित कौशल (23) और सुरेश कुमार (19) को गिरफ्तार किया है। टैक्सी चालक मेहर सिंह के भाई ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद एसपी देहरा मयंक चौधरी के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए युवकों ने कड़ी पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने कामाख्या मंदिर मार्ग के घने जंगलों में चालक को गंभीर हालत में बरामद किया।
कहासुनी के बाद गला घोंटकर मारने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने शुक्रवार को मेहर सिंह की टैक्सी होशियारपुर जाने के लिए बुक की थी। सफर के दौरान कलोहा के पास किसी बात पर विवाद हो गया। इसके बाद युवकों ने चालक को सुनसान वैकल्पिक मार्ग पर चलने के लिए मजबूर किया। अंधेरे और सन्नाटे का फायदा उठाकर उन्होंने चाकू और रस्सी से हमला कर दिया। चालक को मृत समझकर वे उसे गहरी खाई में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने चालक को तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया है।
लूटपाट के बाद होशियारपुर में छोड़ी लावारिस टैक्सी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक की कार लेकर होशियारपुर भाग गए। वहां उन्होंने टैक्सी को लावारिस छोड़ दिया और वापस अपने गांव आ गए। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने चालक के पैसे और सोने की अंगूठी भी लूट ली थी। पुलिस अब लूटपाट के इस एंगल की गंभीरता से जांच कर रही है। धर्मशाला से आई आरएफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
नशे की लत बनी खौफनाक वारदात की वजह
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी युवक नशे के आदी हैं। वे पहले भी मेहर सिंह की टैक्सी किराए पर लेते रहे हैं। माना जा रहा है कि नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। एसपी मयंक चौधरी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है।
मौत को मात देकर 24 घंटे जिंदगी के लिए लड़ा चालक
बुजुर्ग टैक्सी चालक मेहर सिंह की जिजीविषा ने सबको हैरान कर दिया है। वह घायल अवस्था में 24 घंटे तक भूखे-प्यासे जंगली जानवरों के बीच मौत से जूझते रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उन्हें समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया, वरना थोड़ी सी देरी उनकी जान ले सकती थी। फिलहाल टांडा अस्पताल में उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कामयाबी और चालक की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
