West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकस्त के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी क्रम में कोलकाता पुलिस ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार सुबह उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास ‘शांतिनिकेतन’ और कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल को हटा लिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभिषेक बनर्जी की व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणी में कोई बदलाव नहीं हुआ है और उन्हें पहले की तरह ‘जेड प्लस’ (Z+) श्रेणी का सुरक्षा घेरा मिलता रहेगा।
‘सिजर बैरिकेड’ हटने से सड़कों पर दिखी सामान्य हलचल
कोलकाता के हाई-प्रोफाइल माने जाने वाले हरीश मुखर्जी रोड पर सुरक्षा के कड़े प्रबंधों में ढील दी गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास से मंगलवार को ही आधुनिक ‘सिजर बैरिकेड’ हटा दिए गए थे, जो एक मुड़ सकने वाला धातु का सुरक्षा अवरोधक होता है। अब अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भी इसी तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। पहले जहां उनके आवास और कार्यालय के बाहर 20 से 25 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती रहती थी, वहां अब पुलिस केबिन खाली नजर आ रहे हैं। यह कदम कोलकाता पुलिस मुख्यालय ‘लालबाजार’ के नए निर्देशों के बाद उठाया गया है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल में संशोधन और वीआईपी मूवमेंट पर असर
अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती का असर उनके आवागमन के तरीके पर भी पड़ेगा। नई व्यवस्था के अनुसार, अब उनके काफिले के निकलने से पहले पुलिस द्वारा मार्ग की अग्रिम जांच (Route Check) नहीं की जाएगी। इसके अलावा, सड़क पर अन्य वाहनों की आवाजाही को रोकने या ट्रैफिक डायवर्ट करने की विशेष व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अब केवल उनके निजी सुरक्षा घेरे में शामिल जवान ही उनके साथ तैनात रहेंगे। क्षेत्र प्रबंधन से जुड़ी अतिरिक्त तैनाती को पूरी तरह वापस ले लिया गया है, जिससे दक्षिण कोलकाता के इन इलाकों में आम जनता की आवाजाही अब सुगम हो गई है।
सत्ता परिवर्तन के बीच प्रशासनिक फेरबदल की शुरुआत
पश्चिम बंगाल में 15 साल के तृणमूल शासन के अंत और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में यह कटौती उसी प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि टीएमसी को मात्र 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। इस बड़े सियासी उलटफेर के बाद न केवल सुरक्षा ढांचे में बदलाव हो रहा है, बल्कि राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है।


