China News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच चीन ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द फिर से खोलने का औपचारिक आग्रह किया है। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में चीन ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के अधिकार का समर्थन किया। साथ ही, चीन ने ईरान की उस प्रतिबद्धता की भी सराहना की जिसमें उसने परमाणु हथियार विकसित न करने की बात कही है। चीन का यह रुख ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से परमाणु हथियारों पर रोक को युद्ध समाप्ति की प्रमुख शर्त माना जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन पर चीन ने जताई अंतरराष्ट्रीय चिंता
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित और सामान्य समुद्री व्यापार बहाल करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा प्राथमिकता है। चीन ने उम्मीद जताई है कि ईरान वैश्विक अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इस जलमार्ग को व्यापार के लिए खोल देगा। वांग यी ने पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्धविराम की आवश्यकता पर बल देते हुए दोनों पक्षों के बीच सीधे संवाद और आमने-सामने की वार्ता को संकट का एकमात्र समाधान बताया। गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी चीन से ईरान पर दबाव बनाने का आह्वान किया था।
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकर पर फायरिंग
इसी बीच, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना और ईरान के बीच सैन्य टकराव की खबर सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, एक अमेरिकी फाइटर जेट ने बुधवार को एक ईरानी तेल टैंकर पर फायरिंग की, जिससे टैंकर का रडर (Rudder) क्षतिग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह टैंकर ईरानी बंदरगाह पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान का यूएई को कड़ा संदेश और मैक्रों की शांति पहल
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान ने यूएई द्वारा लगाए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत स्थित ईरानी दूतावास के माध्यम से जारी बयान में ईरान ने यूएई को अमेरिका और इजरायल के साथ ‘मिलीभगत’ न करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर चर्चा कर होर्मुज में जहाजों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। ईरान ने चीन के चार-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर भरोसा जताते हुए नई क्षेत्रीय व्यवस्था की स्थापना की उम्मीद जताई है।


