तमिलनाडु में सियासी उलटफेर: कांग्रेस ने छोड़ा DMK का साथ, TVK से हाथ मिलाने पर BJP ने साधा निशाना

Tamil Nadu News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने दशकों पुराने सहयोगी डीएमके (DMK) का साथ छोड़कर अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) से हाथ मिला लिया है। इस बड़े बदलाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। भाजपा का दावा है कि 4 मई के नतीजों ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के अंत की औपचारिक घोषणा कर दी है।

भाजपा का हमला: सहयोगियों को धोखा देना कांग्रेस की फितरत

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस के इस कदम को राजनीतिक अवसरवादिता करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने शायद ही किसी सहयोगी को धोखा न दिया हो। पूनावाला ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस ने तमिलनाडु में स्टालिन की पार्टी के साथ ऐसा किया है, तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल सत्ता की लालची है और उसे अपने सहयोगियों के हितों की कोई परवाह नहीं है।

इंडिया गठबंधन के वजूद पर उठे सवाल

पूनावाला ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की एकजुटता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन कभी किसी नीति या नजरिये के लिए नहीं बना था। यह सिर्फ भ्रष्टाचार छिपाने और मोदी विरोध की भावना पर आधारित था। भाजपा के अनुसार, पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब जैसे राज्यों में यह गठबंधन पहले ही गायब था। अब तमिलनाडु के घटनाक्रम ने इसे पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया है, जिससे विपक्ष की कमजोर कड़ी उजागर हो गई है।

डीएमके ने कहा- कांग्रेस ने पीठ में छुरा घोंपा

दशकों पुराने रिश्ते टूटने से डीएमके नेतृत्व में भारी नाराजगी देखी जा रही है। डीएमके प्रवक्ता सर्वानन अन्नादुरई ने कांग्रेस के फैसले को जनता के जनादेश का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने टीवीके के साथ जाकर गठबंधन धर्म का गला घोंटा है। अन्नादुरई ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा, अब उसी का समर्थन करना बड़ी राजनीतिक भूल है। डीएमके का मानना है कि इस धोखे का खामियाजा कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

टीवीके की ऐतिहासिक जीत और नई गठबंधन सरकार

तमिलनाडु चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, हालांकि वह बहुमत के आंकड़े से थोड़ी दूर रह गई। विधानसभा चुनाव से पहले भी टीवीके ने कांग्रेस को साथ आने का न्योता दिया था। तब कांग्रेस ने डीएमके पर भरोसा जताया, लेकिन सत्ता हाथ से निकलने के बाद उसने पाला बदल लिया है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने ‘धर्मनिरपेक्ष सरकार’ बनाने की शर्त पर विजय की पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे राज्य में नई सरकार की राह साफ हुई है।

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