Uttarakhand News: चंपावत जिले में सहेली की शादी में शामिल होने गई एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन बदमाशों ने चाकू की नोक पर लड़की का अपहरण किया और रात भर उसके साथ हैवानियत की। आरोपियों ने पीड़िता को एक सुनसान कमरे में रस्सियों से बांधकर बंद कर दिया था। बुधवार सुबह पुलिस और परिजनों ने उसे गंभीर हालत में बरामद किया। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी समारोह से लौटते समय बदमाशों ने बिछाया जाल
घटना मंगलवार रात की है जब नाबालिग सल्ली गांव में अपनी सहेली के विवाह समारोह में गई थी। घर वापस लौटते समय आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके की ओर ले जाने का प्रयास किया। जब लड़की को खतरे का आभास हुआ, तब तक बदमाशों ने धारदार हथियार निकालकर उसे बंधक बना लिया। आरोपी उसे पास के ही एक निर्जन स्थान पर ले गए। वहां आरोपियों ने मारपीट करते हुए बारी-बारी से उसके साथ घिनौना अपराध किया और फरार हो गए।
देर रात पीड़िता के फोन से आई कॉल ने मचाया हड़कंप
परिजनों के अनुसार, जब लड़की काफी देर तक घर नहीं पहुंची, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 1:28 बजे पीड़िता के मोबाइल से उसके परिवार को एक कॉल आई, लेकिन कुछ ही पलों में संपर्क टूट गया। इस सुराग के बाद स्थानीय नागरिकों और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। बुधवार तड़के करीब 4:00 बजे एक बंद कमरे से पीड़िता को मुक्त कराया गया। बदहवास लड़की ने सल्ली निवासी तीन युवकों पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पुलिस की विशेष टीम गठित और चप्पे-चप्पे पर पहरा
कोतवाल बी.एस. बिष्ट ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महिला सब-इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई है। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया है। वर्तमान में नाबालिग का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण और उपचार चल रहा है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल और शीघ्र न्याय की मांग की
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी दुर्भाग्यपूर्ण है। गोदियाल ने मांग की है कि अपराधियों के राजनीतिक संपर्कों की परवाह किए बिना उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। सरकार को पीड़िता को न्याय दिलाना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखना चाहिए।


