मलकाजगिरी की नई पुलिस कमिश्नर का अंडरकवर ऑपरेशन, आधी रात को आम महिला बनकर सड़क पर उतरीं IPS बी. सुमति

Telangana News: तेलंगाना के मलकाजगिरी में नवनियुक्त पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने महिलाओं की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। वह आधी रात के बाद दिलसुखनगर की सड़कों पर एक आम महिला बनकर अकेली खड़ी रहीं। इस अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान मात्र कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुषों ने उन्हें परेशान करने की कोशिश की। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अकेली महिला देख पास आए 40 पुरुष, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस आयुक्त बी. सुमति बस स्टैंड पर एक साधारण नागरिक के रूप में बस का इंतजार कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, कुछ ही देर में दर्जनों पुरुष उनके पास जमा हो गए। इनमें से अधिकांश लोग नशे की हालत में थे और उन्होंने महिला अधिकारी पर अश्लील टिप्पणियां कीं। जैसे ही इन लोगों ने गलत व्यवहार शुरू किया, पास में तैनात सादे कपड़ों वाली पुलिस टीम ने सक्रिय होकर सभी 40 आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया।

सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए उठाया बड़ा जोखिम

मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ग्रेटर हैदराबाद के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। पद संभालने के मात्र एक सप्ताह के भीतर बी. सुमति ने यह जमीनी ऑपरेशन अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मनचलों को सख्त संदेश देना और जमीनी हकीकत को समझना था। आयुक्त ने साबित किया कि आधिकारिक पदों पर बैठे लोग यदि स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करें, तभी वास्तविक सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

आईपीएस अधिकारी का पुराना अनुभव और साहसी रिकॉर्ड

2006 बैच की आईपीएस अधिकारी बी. सुमति अपनी निडर कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने साल 2001 में डीएसपी के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वह पहले भी डीएसपी रहते हुए काजीपेट रेलवे स्टेशन पर इसी तरह का अंडरकवर ऑपरेशन कर चुकी हैं। उनकी विशेषज्ञता केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है। उन्होंने खुफिया विभाग में रहते हुए नक्सलियों के आत्मसमर्पण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसे विभाग में काफी सराहा जाता है।

नक्सली मोर्चे पर सफलता और वरिष्ठ नेतृत्व की सराहना

कमिश्नर बनने से पहले सुमति इंटेलिजेंस विभाग में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर तैनात थीं। पिछले दो वर्षों में उनके विशेष प्रयासों के कारण 591 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। वह माओवादी नेता देवूजी जैसे बड़े नामों के आत्मसमर्पण वार्ता का भी हिस्सा रही हैं। उनकी यह बहुमुखी प्रतिभा और रात के अंधेरे में सड़क पर उतरकर सुरक्षा जांचने का जज्बा अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Hot this week

Related News

Popular Categories