Jharkhand News: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर ने अपनी ही पार्टी के संगठन ढांचे पर सवाल उठाकर सियासी हलचल तेज कर दी है। बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को लिखे पत्र में उन्होंने नवनियुक्त प्रदेश कमेटी के आकार को लेकर कटाक्ष किया। किशोर ने पूछा कि 81 विधानसभा सीटों वाले राज्य में 314 सदस्यों की भारी-भरकम फौज आखिर पार्टी कार्यालय में कहां बैठेगी? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अध्यक्ष स्वयं छोटे कमरे में बैठते हैं, लेकिन इतनी बड़ी टीम के लिए बुनियादी ढांचे का अभाव है।
अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड कमेटी के विशाल स्वरूप पर आपत्ति
राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में विभिन्न राज्यों की कांग्रेस कमेटियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए झारखंड की तुलना की है। उन्होंने बताया कि 230 सीटों वाले मध्य प्रदेश में केवल 115 और 403 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में मात्र 130 पदाधिकारियों की कमेटी है। वहीं, बिहार में 242 सीटों के लिए 200 सदस्यों का प्रस्ताव भेजा गया है। दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी सदस्यों की संख्या विधानसभा सीटों के बराबर या उससे कम है। किशोर ने सवाल उठाया कि आखिर झारखंड में 314 सदस्यों वाली ‘बोइंग 737’ जैसी लंबी कमेटी बनाने की क्या आवश्यकता थी?
कार्यालय की कमी और परिवारवाद के मुद्दे पर अध्यक्ष को घेरा
मंत्री किशोर ने संगठन की मजबूती के बजाय केवल बड़े नेताओं को खुश करने की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को सलाह दी कि इतनी बड़ी टीम के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर तत्काल नए और बड़े कार्यालय भवन की मांग करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि पार्टी को कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन बड़े नेताओं के परिजनों को संगठन में जगह दी गई है। उन्होंने पत्र के जरिए संकेत दिया कि आधारभूत संरचना के बिना ऐसी जंबो कमेटी केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।


