Jharkhand News: सिविल कोर्ट रांची के फैमिली कोर्ट नंबर-1 ने न्यायिक आदेशों की निरंतर अवहेलना किए जाने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। न्यायाधीश रमेश चंद्र की अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया है। यह मामला भरण-पोषण की राशि के भुगतान से जुड़ा है, जिसमें आरोपी द्वारा अदालत के निर्देशों का लंबे समय से उल्लंघन किया जा रहा है। न्यायिक आदेश के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई न किए जाने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
भरण-पोषण राशि भुगतान में लापरवाही और कानूनी कार्रवाई
यह कानूनी विवाद पत्नी शुभांगी शर्मा द्वारा वर्ष 2021 में अपने पति देवेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ दायर याचिका से शुरू हुआ था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2024 में पति को निर्धारित भरण-पोषण राशि का नियमित भुगतान करने का आदेश दिया था। हालांकि, आरोपी देवेंद्र कुमार शर्मा ने अब तक एक भी किस्त का भुगतान नहीं किया है। इस वित्तीय और नैतिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर उसे हिरासत में लेने का आदेश पारित किया है।
वाराणसी पुलिस की कार्यप्रणाली पर न्यायालय ने उठाए सवाल
अदालत ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अगस्त 2024 से ही वाराणसी के लंका थाना और वहां के पुलिस अधीक्षक को कई बार पत्र भेजे थे। इसके बावजूद न तो आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई और न ही वारंट की तामिला रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। थाना प्रभारी को जारी किए गए ‘कारण बताओ’ नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। एसपी वाराणसी को भेजे गए पत्रों पर भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने से न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है।
डीजीपी को हस्तक्षेप और अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश
स्थानीय पुलिस की निरंतर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए रांची की अदालत ने अब उत्तर प्रदेश के डीजीपी से सीधा संपर्क साधा है। अदालत ने डीजीपी को लिखे पत्र में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी कानून की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में यूपी पुलिस के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।


