International News: दक्षिण चीन सागर में चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ फिलीपींस ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें मिलने के बाद फिलीपींस की सैन्य ताकत और आत्मविश्वास में भारी इजाफा हुआ है। फिलीपींस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी समुद्री संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। चीनी जहाजों की घुसपैठ को रोकने के लिए फिलीपींस ने अपने लड़ाकू विमान और जंगी जहाज तैनात कर दिए हैं। अब फिलीपींस सीधे तौर पर बीजिंग को चुनौती दे रहा है।
चीनी ड्रोन ‘मदरशिप’ जुआईयन की खतरनाक चाल
चीन ने वेस्ट फिलीपींस सी में अपना सबसे आधुनिक और खतरनाक इंटेलिजेंट ड्रोन मदरशिप ‘जुआईयन’ तैनात किया है। यह जहाज एक साथ 50 से अधिक हवाई, समुद्री और अंडरवाटर ड्रोंस को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है। चीन इसे रिसर्च का जरिया बताता है, लेकिन असल में यह खुफिया जानकारी जुटाने का एक रोबोटिक अड्डा है। फिलीपींस के बोली नाव और स्पिरेटली द्वीप के पास इस जहाज की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में जासूसी का खतरा काफी बढ़ गया है।
कनाडा की तकनीक ने पकड़ी चीन की चोरी
कनाडा के ‘डार्क वेसल डिटेक्शन’ (DVD) सिस्टम की मदद से फिलीपींस ने चीन के चार खतरनाक जहाजों की पहचान की है। इसमें ‘जुहायन’ के अलावा ‘शियांग यान होंग 33’ शामिल है, जो गहरे समुद्र की मैपिंग करता है। ‘शियान वन’ जहाज अपने एडवांस एककोस्टिक सेंसर से पनडुब्बियों की हलचल पर नजर रखता है। चौथा जहाज ‘जिया गैंग’ पानी के नीचे ड्रोन तैनात करने में माहिर है। फिलीपींस कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता ने इन जहाजों की मौजूदगी को बड़ी घुसपैठ करार दिया है।
भारत की ब्रह्मोस बनी फिलीपींस की ढाल
फिलीपींस की इस नई हिम्मत के पीछे भारत के साथ हुई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील एक प्रमुख कारण है। दुनिया की सबसे घातक मिसाइल का मालिक बनने के बाद फिलीपींस अब चीन के दबाव में आने को तैयार नहीं है। कोस्ट गार्ड कमांडेंट एडमिरल रोनी गिल गावन ने अपने सैनिकों को घुसपैठियों को खदेड़ने का सख्त आदेश दिया है। भारत और फिलीपींस की यह सैन्य साझेदारी पूरे दक्षिण पूर्व एशिया के रणनीतिक समीकरणों को बदल रही है और चीन की घेराबंदी मजबूत कर रही है।
चीन के खिलाफ फिलीपींस में जन आक्रोश
चीन की हरकतों के खिलाफ फिलीपींस के आम नागरिक भी अब सड़कों पर उतर आए हैं। वहां की जनता अपनी सेना और सरकार के कड़े फैसलों का पूरा समर्थन कर रही है। फिलीपींस अब वैश्विक शक्तियों के साथ मिलकर चीन की जासूसी और विस्तारवाद को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। दक्षिण चीन सागर की लहरों में बारूद की गंध बढ़ गई है, क्योंकि भारत का यह जांबाज दोस्त अब चीन की आंखों में आंखें डालकर बात कर रहा है। यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश है।


