National News: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी है। शाम 5 बजे तक के रुझानों में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी 188 सीटों के साथ ऐतिहासिक बहुमत की ओर बढ़ रही है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर होती दिख रही है। वहीं असम में भाजपा की वापसी और पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन की बढ़त ने केसरिया खेमे में उत्साह भर दिया है।
भाजपा के उदय और संघर्ष की गौरवगाथा
भारतीय जनता पार्टी का सफर 6 अप्रैल 1980 को शुरू हुआ था। इसकी जड़ें 1977 के भारतीय जनसंघ में निहित थीं। आपातकाल के बाद जब जनता पार्टी में ‘दोहरी सदस्यता’ का विवाद बढ़ा, तब अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी ने नए दल का गठन किया। वाजपेयी जी पार्टी के पहले अध्यक्ष बने। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक एकाधिकार को चुनौती देने के लिए देशव्यापी संघर्ष का बिगुल फूंका और भाजपा को एक मजबूत विकल्प बनाया।
1984 का पहला चुनाव और दो सांसदों का सफर
भाजपा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1984 में लड़ा था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उपजी सहानुभूति की लहर के कारण भाजपा को केवल दो सीटें ही मिल सकीं। गुजरात की मेहसाणा सीट से ए.के. पटेल और आंध्र प्रदेश की हनमकोंडा सीट से चंदूपतला जंगा रेड्डी पहले सांसद बने। महज दो सीटों से शुरू हुआ यह सफर आज देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में स्थापित हो चुका है, जो एक मिसाल है।
राम मंदिर आंदोलन और सत्ता की पहली सीढ़ी
साल 1989 में भाजपा ने 85 सीटें जीतकर अपनी धमक दिखाई और वी.पी. सिंह की गैर-कांग्रेसी सरकार को समर्थन दिया। इसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या तक की राम रथ यात्रा ने देश की राजनीति का रुख मोड़ दिया। 1991 के चुनावों में भाजपा 120 सीटों तक पहुंच गई। इन आंदोलनों और वैचारिक स्पष्टता ने भाजपा को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया और कांग्रेस को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया।
वाजपेयी युग और एनडीए का स्वर्णिम काल
साल 1996 में भाजपा पहली बार 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। हालांकि, बहुमत के अभाव में यह सरकार मात्र 13 दिन ही चल सकी। इसके बाद 1998 और 1999 में भाजपा ने एनडीए गठबंधन के साथ सरकार बनाई। वाजपेयी जी ने अपना कार्यकाल पूरा कर देश को सुशासन का मॉडल दिया। इस दौर ने साबित किया कि भाजपा गठबंधन की राजनीति को कुशलता से चलाने में सक्षम है।
मोदी युग: पूर्ण बहुमत और निरंतर विस्तार
साल 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसके बाद 2019 में प्रचंड बहुमत और 2024 में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी। मोदी के नेतृत्व में भाजपा का छठा कार्यकाल चल रहा है। आज भाजपा न केवल केंद्र में, बल्कि देश के बड़े हिस्से में शासन कर रही है। विकास और अंत्योदय के मंत्र ने भाजपा को हर वर्ग में लोकप्रिय बनाया है।
राज्यों की स्थिति: कहां भाजपा और कहां एनडीए
वर्तमान में पश्चिम बंगाल की जीत के बाद भाजपा सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और असम जैसे 14 राज्यों में सरकार चला रही है। वहीं बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित 7 राज्यों में एनडीए सहयोगियों के साथ सत्ता में है। कुल 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों का प्रभाव है। बंगाल में कमल का खिलना यह दर्शाता है कि अब भाजपा हिंदी पट्टी से निकलकर पूर्वी भारत का भी मुख्य स्तंभ बन गई है।


