Delhi Education News: दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों के उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो नौवीं या दसवीं कक्षा में बार-बार असफल हो रहे हैं। निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से दसवीं में दाखिले के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जिससे छात्रों को राहत मिली है।
स्कूल प्रमुखों को छात्रों को प्रेरित करने का निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों से तुरंत संपर्क करें। स्कूलों की जिम्मेदारी होगी कि वे ऐसे छात्रों को इस विशेष योजना के लिए प्रेरित करें और उनके आवश्यक दस्तावेज जुटाकर समय पर ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाना है, जो लगातार फेल होने के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने का मन बना रहे थे।
दाखिले के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ केवल वही विद्यार्थी उठा सकेंगे जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे थे। नियमों के अनुसार, छात्र का नौवीं या दसवीं कक्षा में कम से कम दो बार फेल होना या कंपार्टमेंट लाना अनिवार्य है। हालांकि, जो विद्यार्थी पहली बार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में फेल हुए हैं, उन्हें इस विशेष योजना का पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसे छात्रों को अपने मूल स्कूल में ही नियमित पढ़ाई जारी रखनी होगी।
75 सरकारी स्कूलों में बनाए गए स्टडी सेंटर
दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एमआईएस (MIS) मॉड्यूल के जरिए संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा संपन्न की जाएगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दिल्ली के लगभग 75 निर्धारित सरकारी स्कूलों में विशेष स्टडी सेंटर बनाए जाएंगे, जहां उनकी कक्षाएं संचालित होंगी। निदेशालय ने यह भी घोषणा की है कि पांच मुख्य विषयों तक का पंजीकरण शुल्क सरकार वहन करेगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को काफी मदद मिलेगी।
परीक्षा शुल्क और विषय चयन का विवरण
योजना के तहत पंजीकरण मुफ्त होने के बावजूद छात्रों को परीक्षा शुल्क का भुगतान स्वयं करना होगा। प्रति विषय परीक्षा शुल्क 300 रुपये, प्रायोगिक परीक्षा के लिए 150 रुपये और ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट के लिए 230 रुपये तय किए गए हैं। छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के अलावा पेंटिंग, विज्ञान और गृह विज्ञान चुनने का विकल्प भी दिया गया है। इसके साथ ही छात्र डेटा एंट्री ऑपरेशन को अतिरिक्त विषय के रूप में ले सकते हैं।


