Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर पिछले चार महीनों से दहशत का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ आखिरकार पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को कुशीनगर जिले के जटहा बाजार क्षेत्र में एक बेहद साहसिक ऑपरेशन चलाकर इसे काबू किया। तेंदुए ने सीमावर्ती गांवों में जबरदस्त आतंक मचा रखा था और दर्जनों लोगों को घायल कर दिया था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद हजारों ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने अब उसे सुरक्षित गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: गन्ने के खेत से पुलिया तक चली लुका-छिपी
तेंदुए को पकड़ने की प्रक्रिया किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। ग्रामीणों के शोर से घबराकर तेंदुआ पहले मकान और फिर गन्ने के खेत में जा छिपा। भारी भीड़ और लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने उसे घेर लिया, जिसके बाद वह एक पुलिया में घुस गया। वन विभाग के विशेषज्ञों ने मौका पाकर ट्रैंकुलाइजर गन से सटीक निशाना लगाया। तेंदुआ जैसे ही बेहोश हुआ, टीम ने उसे सुरक्षित पिंजरे में बंद कर लिया। इस दौरान पूरी सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया था।
खूनी हमले: दो राज्यों के आधा दर्जन से अधिक लोग हुए घायल
पकड़े जाने से ठीक पहले तेंदुए ने बिहार के पिपरासी और सौराहा क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था। वहां उसने दो महिलाओं सहित तीन ग्रामीणों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। रास्ते में एक शारीरिक शिक्षक की बाइक से टकराने के बाद वह यूपी की सीमा में घुस गया। यहां उसने धूम नगर और कठीछपरा गांव में किसानों पर घातक हमला किया। इन हमलों में घायल कई लोगों का इलाज फिलहाल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
दियारा क्षेत्र में मवेशियों का शिकार और ग्रामीणों में दहशत
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह तेंदुआ सेमरा दियारा और पिपरासी क्षेत्र में अब तक आधा दर्जन से अधिक मवेशियों को अपना निवाला बना चुका था। रिहायशी इलाकों में इसकी लगातार मौजूदगी से लोगों ने शाम के वक्त घरों से निकलना बंद कर दिया था। पूर्नहा मिश्र गांव में एक झोपड़ी से निकलकर जब वह रिहायशी मकान में छिपा, तब वन विभाग को इसकी सटीक लोकेशन मिली। इस सफल रेस्क्यू ने क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त भय के माहौल को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

