Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के करीब एक लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने आरडीएसएस योजना के तहत लगे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को अब पोस्टपेड मोड में बदलने का बड़ा फैसला लिया है। कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय से उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जो प्रीपेड व्यवस्था की तकनीकी जटिलताओं और अचानक बिजली कटने की समस्या से परेशान थे।
लखनऊ मुख्यालय से रिमोट के जरिए बदलेंगे मीटर
बिजली उपभोक्ताओं को अपना मीटर बदलवाने के लिए अब किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाने का निर्णय लिया है। लखनऊ स्थित मुख्यालय से ही रिमोट कंट्रोल तकनीक के जरिए मीटरों को पोस्टपेड मोड पर सेट कर दिया जाएगा। यह तकनीकी बदलाव बैकएंड सिस्टम के माध्यम से संचालित होगा। इससे उपभोक्ताओं का समय बचेगा और उन्हें बिना किसी शारीरिक परेशानी के नई बिलिंग व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।
तकनीकी खराबी होने पर घर आएंगे कर्मचारी
यदि किसी तकनीकी कारण या नेटवर्क की समस्या से मीटर ऑनलाइन पोस्टपेड मोड पर शिफ्ट नहीं हो पाता है, तो विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। बिजली विभाग की अधिकृत कंपनी के कर्मचारी संबंधित उपभोक्ता के घर जाकर मीटर की जांच करेंगे। वे मौके पर ही तकनीकी खराबी को दूर कर मीटर को पोस्टपेड मोड में अपडेट करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिस्टम में खराबी की सूचना उन्हें स्वतः प्राप्त हो जाएगी, जिससे उपभोक्ता को शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जून 2026 से जारी होंगे नए बिजली बिल
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिलिंग के तरीके में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मई महीने में इस्तेमाल की गई बिजली का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। विभाग ने हर महीने की दस तारीख तक उपभोक्ताओं के बिल जनरेट करने का लक्ष्य रखा है। बिल की जानकारी उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया आसान होगी और उपभोक्ताओं को समय पर अपने खर्च का विवरण मिल सकेगा।

