केरल चुनाव में भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन: पहली बार जीतीं तीन सीटें, 6 निर्वाचन क्षेत्रों में रही दूसरे नंबर पर

Kerala News: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा में एक बड़ा बदलाव संकेत दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के इतिहास में पहली बार तीन सीटों पर जीत दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पार्टी ने नेमोम, कझाकूटम और चथन्नूर निर्वाचन क्षेत्रों में शानदार जीत हासिल की। इसके अलावा, भाजपा राज्य की छह अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, जो राज्य में पार्टी के बढ़ते जनाधार को दर्शाता है।

नेमोम, कझाकूटम और चथन्नूर में खिला ‘कमल’, दिग्गजों ने दर्ज की जीत

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट से माकपा के कद्दावर नेता वी. शिवनकुट्टी को हराकर विधानसभा में अपनी जगह पक्की की। वहीं, कझाकूटम सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। चथन्नूर में बी.बी. गोपाकुमार ने सीपीआई के उम्मीदवार को शिकस्त देकर सबको चौंका दिया। इन तीन सीटों पर जीत ने केरल में भाजपा को एक मजबूत विधायी शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है।

छह सीटों पर उप-विजेता रही भाजपा, मत प्रतिशत में आया उछाल

जीत के अलावा भाजपा तिरुवल्ला, पलक्कड़, मालमपुझा, अटिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर जैसी सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। तिरुवल्ला में अनूप एंटनी ने कड़ी टक्कर दी, जबकि पलक्कड़ में शोभा सुरेंद्रन मामूली अंतर से कांग्रेस के रमेश पिशारोडी से हार गईं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में भाजपा का वोट शेयर करीब 11.30 प्रतिशत था, जो इस बार कई क्षेत्रों में काफी बढ़ा है। हालांकि राज्यव्यापी औसत अभी भी विश्लेषण का विषय है, लेकिन पार्टी का प्रदर्शन सुधार की ओर है।

पलक्कड़ और अटिंगल में कड़ा मुकाबला, यूडीएफ और एलडीएफ को दी टक्कर

पलक्कड़ निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन को 49,052 वोट मिले, लेकिन वह यूडीएफ उम्मीदवार से पिछड़ गईं। अटिंगल में एडवोकेट पी. सुधीर ने 45,788 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो भाजपा के लिए एक सकारात्मक संकेत है। मालमपुझा में सी. कृष्णकुमार, कासरगोड में अश्विनी एम.एल. और मंजेश्वर में के. सुरेंद्रन ने भी अपनी सीटों पर दूसरे नंबर पर रहकर प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी। इन परिणामों ने केरल की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले की नींव रख दी है।

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