Mumbai News: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी और कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए डोला की हिरासत मांगी है। इसके लिए विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत में आवेदन कर ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने का अनुरोध किया गया है। फिलहाल, डोला 8 मई तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की रिमांड पर है, जहां उससे वैश्विक मादक पदार्थ नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।
सांगली से लेकर तेलंगाना तक फैले ड्रग्स साम्राज्य की होगी जांच
क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है कि सलीम डोला भारत के कई राज्यों में फैले ड्रग्स निर्माण और तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। पुलिस को सांगली, मैसूरु और तेलंगाना में संचालित अवैध ड्रग्स फैक्ट्रियों में उसकी सीधी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। हाल ही में साल 2024 में जब्त की गई 4 किलोग्राम एमडी (Mephedrone) ड्रग्स के मामले में भी डोला का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर उभरा है। क्राइम ब्रांच का मानना है कि डोला की हिरासत से इस सिंडिकेट की पूरी चेन का खुलासा हो सकता है।
कानूनी प्रोटोकॉल और रिमांड की प्रक्रिया हुई तेज
स्थापित कानूनी प्रोटोकॉल के तहत, क्राइम ब्रांच ने अदालत को स्पष्ट किया है कि अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए डोला की कस्टडी क्यों अनिवार्य है। यदि विशेष अदालत इस दलील को स्वीकार कर प्रोडक्शन वारंट जारी करती है, तो एनसीबी की रिमांड अवधि समाप्त होते ही उसे क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, डोला से पूछताछ के दौरान डी-कंपनी के वित्तीय लेनदेन और हवाला नेटवर्क से जुड़े कई संवेदनशील राज बाहर आ सकते हैं।
ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत तुर्किये से हुआ था डिपोर्ट
सलीम डोला को हाल ही में ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत तुर्किये (Turkey) से डिपोर्ट कर भारत लाया गया था। वह लंबे समय से फर्जी पहचान के आधार पर विदेशों में छिपा हुआ था और वहां से अपना अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की निगरानी में चली इस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के बाद उसे दिल्ली लाया गया और फिर मुंबई की अदालत में पेश किया गया। क्राइम ब्रांच अब उसे सांगली ड्रग्स केस के सिलसिले में गहन पूछताछ के लिए अपनी कस्टडी में लेने की तैयारी कर रही है।


