राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार: ‘हार के बहाने’ और ‘दोहरा मापदंड’ बताकर साधा निशाना

New Delhi News: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उन्होंने चुनाव आयोग और ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने राहुल गांधी के बयानों को ‘पाखंड की पराकाष्ठा’ करार देते हुए दावा किया कि बंगाल और असम के चुनाव परिणामों ने विपक्षी गठबंधन ‘आइएनडीआईए’ (INDIA) के अस्तित्व को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। भाजपा का मानना है कि विपक्ष अपनी हार स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की पुरानी रणनीति पर काम कर रहा है।

शहजाद पूनावाला का ‘वीडियो वार’: राहुल के दोहरे मापदंडों पर सवाल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल उन्हीं राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं जहां उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि जब कांग्रेस केरल या अन्य राज्यों में जीतती है, तब राहुल गांधी को ईवीएम और चुनाव आयोग में कोई खराबी नजर नहीं आती। उन्होंने इस व्यवहार को ‘बहाना ब्रिगेड’ की राजनीति का हिस्सा बताया है।

बिना सबूत के आरोप लगाने और जवाबदेही से बचने का आरोप

पूनावाला ने अपने बयान में आगे कहा कि राहुल गांधी बार-बार बिना किसी ठोस सबूत के संस्थाओं पर ‘जनादेश की चोरी’ का आरोप लगाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले विपक्षी दावों को बिना आधार का पाया है। भाजपा के अनुसार, राहुल गांधी का यह रवैया केवल गांधी परिवार को चुनावी हार की जवाबदेही से बचाने के लिए एक सुरक्षित रास्ता (Alibi) तैयार करने की कोशिश है। भाजपा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अदालत के समक्ष विपक्षी नेता कभी भी अपने आरोपों की पुष्टि के लिए प्रमाण पेश नहीं कर पाते हैं।

राहुल गांधी के ‘जनादेश चोरी’ के आरोपों पर गरमाई राजनीति

इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर चुनाव आयोग की मदद से पश्चिम बंगाल और असम में जनमत चुराने का गंभीर आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाते हुए दावा किया था कि भाजपा ने संस्थागत मिलीभगत के जरिए चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की दिशा में भाजपा का एक बड़ा कदम बताया था। राहुल के इन बयानों के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक जुबानी जंग अब और तेज हो गई है।

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