Himachal News: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के सफल क्रियान्वयन के लिए हिमाचल प्रदेश को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सराहेगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस सफलता की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का कुल सड़क नेटवर्क अब लगभग 42,779 किलोमीटर तक विस्तृत हो गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सड़क निर्माण में लोक निर्माण विभाग ने रचा इतिहास
हिमाचल के कुल सड़क नेटवर्क में PMGSY का योगदान सबसे अधिक रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में निर्मित कुल सड़कों में से 22,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण केवल इसी योजना के तहत हुआ है। मंत्री ने इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) की पारदर्शिता और समर्पित कार्यशैली का परिणाम बताया है। विभाग ने दुर्गम और सुदूर गांवों को मुख्य सड़क संपर्क से जोड़कर विकास के नए द्वार खोले हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के समग्र सशक्तिकरण का आधार बनी है।
मध्य प्रदेश में आयोजित होगा राष्ट्रीय सम्मान समारोह
आगामी 9 मई को मध्य प्रदेश के सीहोर में एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश को PMGSY में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आधिकारिक रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ‘समग्र हिमाचल, सशक्त हिमाचल’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। विभाग अब भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रदेश के हर सुदूर कोने तक मजबूत और सुरक्षित सड़कों का जाल बिछाया जा सके।
केंद्र के साथ समन्वय से मिलेगी और अधिक गति
राज्य सरकार केंद्र के साथ निरंतर समन्वय बनाकर विकास कार्यों के लिए अधिक से अधिक वित्तीय सहयोग लाने हेतु प्रयासरत है। सड़कों को ‘देवभूमि की जीवन रेखा’ माना जाता है। इसलिए इनके निर्माण और रखरखाव में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। यह सम्मान प्रदेश की जनता और विभाग के सभी अधिकारियों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। भविष्य में सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
विकास की नई इबारत लिखता हिमाचल प्रदेश
हिमाचल सरकार सड़कों के नेटवर्क को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद PWD ने रिकॉर्ड निर्माण कार्य किए हैं। यह सम्मान न केवल विभाग का मनोबल बढ़ाएगा बल्कि अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगा। सरकार आने वाले समय में नई तकनीक के उपयोग पर भी विचार कर रही है। इससे सड़कों की आयु बढ़ेगी और आपदा के समय संपर्क मार्ग टूटने का खतरा भी कम हो जाएगा।

