International News: पश्चिम एशिया में सोमवार को युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक जहाजों को निकालने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का एलान किया है। इसके जवाब में ईरान ने यूएई के फुजैराह स्थित तेल ठिकाने पर ड्रोन हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ईरान की मिसाइल कार्रवाई और अमेरिका का पलटवार
यूएई के दावों के अनुसार, ईरान ने सात अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इन हमलों में दक्षिण कोरिया के तेल टैंकर सहित दो जहाजों में आग लग गई। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने सुरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए ईरान की सात सैन्य नौकाओं को डुबो दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित गलियारा तैयार कर रहा है ताकि वहां फंसे जहाजों को बिना किसी समुद्री माइन्स के खतरे के बाहर निकाला जा सके।
प्रोजेक्ट फ्रीडम और रणनीतिक चुनौतियां
राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मानवीय आधार पर चलाए जा रहे इस अभियान में बाधा डालने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा। इस मिशन में करीब 100 विमान, 15 हजार सैन्यकर्मी और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रायर शामिल किए गए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि बिना समन्वय के किसी भी विदेशी सैन्य बल के प्रवेश पर हमला किया जाएगा। ईरान ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य संघर्ष की संभावना बढ़ गई है।


