BMC Birth Certificate Scam: मुंबई महानगरपालिका में 87 हजार फर्जी प्रमाणपत्रों का खुलासा, SIT करेगी ‘महाघोटाले’ की जांच

Maharashtra News: देश की सबसे संपन्न नगर निकाय, मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीएमसी द्वारा कथित तौर पर 87,347 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायतों और निरंतर दबाव के बाद, मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने इन सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। इस गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिससे बीएमसी प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में SIT करेगी पड़ताल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने एक उच्च स्तरीय एसआईटी के गठन का निर्देश दिया है। इस विशेष टीम का नेतृत्व संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम करेंगे। जांच दल में अपराध शाखा और विशेष शाखा के वरिष्ठ अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी मुख्य रूप से इस बात की जांच करेगी कि बीएमसी के भीतर आधिकारिक व्यवस्था के समानांतर कोई अवैध प्रणाली तो नहीं चल रही थी। जांच का केंद्र बिंदु उन तकनीकी खामियों और मिलीभगत को उजागर करना है, जिसके जरिए इतनी बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।

पुराने सिस्टम का दुरुपयोग और सुरक्षा पर बड़ा संकट

किरीट सोमैया का आरोप है कि 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 के बीच बीएमसी अधिकारियों और एजेंटों ने मिलकर पुराने सिस्टम का अवैध उपयोग किया। गौरतलब है कि सरकार ने वर्ष 2016 से ही केंद्रीकृत नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) को अनिवार्य कर दिया था, फिर भी पुराने पोर्टल के जरिए हजारों प्रमाणपत्र बनाए गए। सोमैया ने दावा किया कि इन फर्जी दस्तावेजों का सबसे अधिक लाभ अवैध घुसपैठियों को मिला है। उन्होंने इसे केवल वित्तीय भ्रष्टाचार न मानकर देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकी (Demography) को बदलने की एक बड़ी साजिश करार दिया है।

छह अधिकारी निलंबित और कई पर पुलिसिया कार्रवाई

घोटाले की पुष्टि होने के बाद बीएमसी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक छह स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, कई संदिग्ध कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। देवनार और मुलुंड सहित मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में इस मामले से जुड़े डॉक्टरों और बिचौलियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। सरकार के इस सख्त कदम और पुलिस की सघन जांच से यह स्पष्ट है कि इस नेटवर्क में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

Hot this week

Related News

Popular Categories