New Delhi News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कदम उठाते हुए अपने ही पुलिस उप अधीक्षक (DSP) बृजमोहन मीणा के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में की है। डीएसपी मीणा पर आरोप है कि उन्होंने बैंकिंग सिक्योरिटीज और फ्रॉड ब्रांच (BSFB) में तैनाती के दौरान अवैध रूप से भारी धन जुटाया। इस मामले में सीबीआई ने मीणा के साथ उनकी पत्नी सुनीता को भी नामजद किया है।
करोड़ों की रिश्वतखोरी और अवैध संपत्ति का गंभीर खुलासा
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि डीएसपी बृजमोहन मीणा ने साल 2021 से 2024 के बीच लगभग 98.33 लाख रुपये की अवैध संपत्ति बनाई। यह राशि उनकी वैध आय के मुकाबले 87 प्रतिशत अधिक पाई गई है। मीणा ने सितंबर 2021 में मुंबई स्थित बीएसएफबी इकाई में कार्यभार संभाला था। गौरतलब है कि यही शाखा नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच के लिए जानी जाती है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी दंपति पर शिकंजा
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, डीएसपी और उनकी पत्नी जांच के दौरान संपत्ति के स्रोतों के बारे में कोई भी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में पूरी तरह विफल रहे। इसके बाद एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट बताती है कि आरोपी अधिकारी पहले से ही एक अन्य गंभीर मामले में फंसे हुए हैं। उन पर कंपनियों और संदिग्ध व्यक्तियों से करीब पांच करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का पुराना आरोप भी चल रहा है।
बैंकिंग फ्रॉड यूनिट में तैनाती के दौरान हुआ बड़ा खेल
बृजमोहन मीणा दिसंबर 2024 तक मुंबई की महत्वपूर्ण बैंकिंग शाखा में तैनात थे। इसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने कथित तौर पर जांच का सामना कर रही इकाइयों से अनुचित लाभ प्राप्त किया। सीबीआई अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस अवैध कमाई का संबंध किसी बड़े बैंक घोटाले की जांच को प्रभावित करने से था। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस भ्रष्टाचार कांड में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


