फेसबुक पेज मोनेटाइज कराने के नाम पर साइबर ठगी, शिमला के रोहड़ू में युवक से हड़पे 67 हजार

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सोशल मीडिया से कमाई करने का झांसा देकर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रोहड़ू में रहने वाले एक युवक से फेसबुक पेज मोनेटाइज करवाने के बहाने शातिर ने करीब 67 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत रोहड़ू पुलिस थाने में दर्ज कराई है। डिजिटल युग में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस अब तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है।

फेसबुक पर फर्जी ब्लॉगर ने बुना ठगी का जाल

पीड़ित बुजाली कुमार मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और लंबे समय से रोहड़ू में रह रहे हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपने फेसबुक पेज को मोनेटाइज करवाना चाहते थे। इसी दौरान फेसबुक के माध्यम से उनकी पहचान लक्ष्मण चौहान नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को एक पेशेवर ब्लॉगर बताया और मोनेटाइजेशन का काम चुटकियों में करने का भरोसा दिया। झांसे में आकर पीड़ित ने आरोपी पर भरोसा कर लिया और बातचीत शुरू कर दी।

किस्तों में ट्रांसफर करवाए 67,391 रुपये

शातिर ठग ने बड़ी चालाकी से बुजाली कुमार को अपने जाल में फंसाया। उसने काम पूरा करने के बदले धीरे-धीरे पैसों की मांग शुरू कर दी। पीड़ित ने मोनेटाइजेशन की उम्मीद में अलग-अलग किस्तों में कुल 67,391 रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी ने यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से यह रकम वसूली थी। पैसे भेजने के बाद जब पीड़ित ने काम पूरा होने के बारे में पूछा, तो आरोपी ने बहानेबाजी शुरू कर दी। अंत में उसने संपर्क ही तोड़ दिया।

संपर्क बंद होते ही ठगी का हुआ अहसास

रकम पूरी तरह से ऐंठने के बाद आरोपी ने पीड़ित का फोन उठाना बंद कर दिया। मैसेज का जवाब न मिलने पर बुजाली कुमार को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। शातिर ठग ने न तो फेसबुक पेज मोनेटाइज करवाया और न ही पैसे वापस किए। इसके बाद पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है।

पुलिस ने शुरू की मामले की गहन जांच

पीड़ित ने पुलिस को पैसों के लेनदेन से जुड़े सभी बैंक दस्तावेज और आरोपी का मोबाइल नंबर सौंप दिया है। रोहड़ू पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन तेज कर दी है। पुलिस बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है ताकि ठग तक पहुंचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं। ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के लिए हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म और दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।

Hot this week

Related News

Popular Categories