Himachal News: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ निर्णायक मुहिम छेड़ दी है। पुलिस ने नशा तस्करी के एक आरोपी की लाखों रुपये की चल-अचल संपत्ति कानून के शिकंजे में कस ली है। यह संपत्ति आरोपी ने मादक पदार्थों की काली कमाई से अर्जित की थी। मंडी जिले में हुई इस कार्रवाई से नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है। सक्षम प्राधिकारी ने संपत्ति सीज करने के आदेशों पर मुहर लगा दी है।
अफीम के साथ गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच
सरकाघाट उपमंडल के दलाह निवासी मनोहर लाल को पुलिस ने पिछले साल 10 मई को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 466 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। थाना हटली में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी लंबे समय से तस्करी के धंधे में लिप्त था। पुलिस ने उसकी आय के स्रोतों की बारीक पड़ताल की और अवैध निवेश का पता लगाया।
दो मंजिला मकान, जमीन और बाइक पर कानून का कब्जा
पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ के तहत आरोपी और उसके परिजनों की संपत्तियां सीज की हैं। जब्त संपत्तियों में बल्ह तहसील के खलिहान गांव में स्थित एक आलीशान दो मंजिला मकान शामिल है। इस मकान की कीमत लगभग 11.88 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आरोपी की करीब 0-10-89 हेक्टेयर भूमि और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने 30 अप्रैल को इसकी पुष्टि की।
नशा सौदागरों की आर्थिक जड़ों पर प्रहार
हिमाचल पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के सौदागरों के लिए केवल जेल ही आखिरी मंजिल नहीं है। उनकी आर्थिक कमर तोड़ने के लिए काली कमाई से खड़ी की गई हर संपत्ति जब्त होगी। विभाग के अनुसार, नशा समाज के लिए एक लाइलाज कैंसर की तरह है। पुलिस का मानना है कि जब तक अपराधियों का आर्थिक साम्राज्य सुरक्षित है, तब तक इस अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाना संभव नहीं है। इसलिए संपत्ति जब्ती अब पुलिस की प्राथमिकता है।
एसपी मंडी की सख्त चेतावनी: जारी रहेगी कार्रवाई
मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी अपराधियों की आर्थिक जड़ों को काटने के लिए ऐसी कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस अब न केवल तस्करों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी जमींदोज करने की योजना पर काम कर रही है ताकि समाज को नशा मुक्त बनाया जा सके।


