Pakistan News: ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बादलों को छांटने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने की संभावना है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन जमीनी हलचल इस बैठक की पुष्टि कर रही है। पिछले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब दुनिया की नजरें इस संभावित मुलाकात पर टिकी हैं। पाकिस्तान इस समय दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच मध्यस्थ की अहम भूमिका निभा रहा है।
इस्लामाबाद में हाई अलर्ट और भारी सुरक्षा घेरा
शांति वार्ता की सुगबुगाहट के बीच इस्लामाबाद के रेड जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अमेरिका का विशाल सैन्य विमान C-17 ग्लोबमास्टर III रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतर चुका है। इस विमान के आगमन के बाद राजधानी की मुख्य सड़कों को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने शहर के प्रमुख होटलों जैसे सेरेना और मैरियट को खाली कराना शुरू कर दिया है। इन होटलों में आम जनता के लिए नई बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पहले दौर की चर्चा और सीजफायर का पेच
इससे पहले 11 अप्रैल को इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ही पहले दौर की बातचीत हुई थी। उस दौरान करीब 21 घंटे तक मैराथन चर्चा चली, लेकिन कोई ठोस लिखित समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद बने रहे। पहले दौर के बाद 21 अप्रैल तक युद्धविराम (सीजफायर) लागू किया गया था। अब चर्चा है कि दूसरे दौर की बैठक 24 अप्रैल को हो सकती है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वर्तमान सीजफायर की अवधि को आगे बढ़ाया जाएगा या दोबारा संघर्ष शुरू होगा।
डोनाल्ड ट्रंप का रुख और समझौते की शर्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस शांति प्रक्रिया को लेकर मिश्रित संकेत दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे वर्तमान सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ऐतिहासिक समझौता होता है, तो वे खुद इस्लामाबाद आकर हस्ताक्षर करेंगे। ट्रंप ने इस पूरे मामले में पाकिस्तान के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
ईरान की असहमति और कूटनीतिक खींचतान
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद के जरिए निरंतर संपर्क में बने हुए हैं। कोशिश यह है कि औपचारिक मेज पर बैठने से पहले कुछ बुनियादी बिंदुओं पर सहमति बन जाए। खबरों के मुताबिक, वार्ता शुरू करने के लिए सोमवार का दिन प्रस्तावित था और रविवार तक प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन ईरान ने इस समय सीमा पर फिलहाल असहमति जताई है। ईरान की इस हिचकिचाहट ने वार्ता की सफलता को लेकर कूटनीतिक गलियारों में सस्पेंस और बढ़ा दिया है।
