Ukraine-Russia News: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध में शांति की कोशिशें एक बार फिर नाकाम होती दिख रही हैं। यूक्रेन ने रूस पर युद्धविराम का सम्मान न करने और दर्जनों ड्रोन हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। यूक्रेन ने मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि से एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बावजूद रूसी सेना ने कई यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाया है। इस ताजा संघर्ष ने फरवरी 2022 से जारी इस युद्ध के अंत की संभावनाओं को और धुंधला कर दिया है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाए उल्लंघन के आरोप
रूस ने भी यूक्रेन पर युद्धविराम तोड़ने का पलटवार किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने रूसी क्षेत्र और क्रीमिया में यूक्रेन के 53 ड्रोनों को मार गिराया है। यूक्रेन के इन हमलों में क्रीमिया के झानकोई शहर में पांच आम नागरिकों की मौत की खबर है। हालांकि, रूस ने अभी तक यूक्रेन के एकतरफा युद्धविराम प्रस्ताव पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों देशों के बीच जारी इस आरोप-प्रत्यारोप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रिहायशी इलाकों और स्कूलों को बनाया जा रहा निशाना
युद्ध के मैदान में हिंसा का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रूस ने सूमी शहर में बच्चों के एक स्कूल पर ड्रोन हमला किया। गनीमत रही कि हमले के समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, लेकिन एक सुरक्षाकर्मी की जान चली गई। इससे पहले मंगलवार को हुए मिसाइल हमलों में 27 यूक्रेनी नागरिक मारे गए थे और 120 से अधिक घायल हुए थे। निर्दोष लोगों की मौत और बुनियादी ढांचे की तबाही ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने क्रेमलिन से तत्काल हमले रोकने और बातचीत की मेज पर आने का अनुरोध किया है। जेलेंस्की ने कहा कि लगातार हो रही गोलाबारी साबित करती है कि रूस शांति का इच्छुक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर रूसी हमले जारी रहे, तो यूक्रेन कड़ी जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होगा। बता दें कि रूस ने भी सोवियत विजय दिवस की वर्षगांठ पर शुक्रवार से शनिवार तक लड़ाई बंद रखने का संकेत दिया था।
युद्ध के मोर्चे पर धीमी लेकिन निरंतर प्रगति
यूक्रेन के कड़े प्रतिरोध के बावजूद रूसी सेना पूर्वी मोर्चों पर धीमी गति से आगे बढ़ रही है। द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर दोनों पक्ष रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश में हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि जब तक दोनों पक्ष वास्तविक युद्धविराम पर सहमत नहीं होते, तब तक शांति बहाली संभव नहीं है। फिलहाल, अग्रिम मोर्चों पर भारी हथियारों और घातक ड्रोनों का इस्तेमाल बदस्तूर जारी है।

