तमिलनाडु में सियासी हलचल: एक्टर विजय का सरकार बनाने का दावा अटका, राज्यपाल से आज फिर करेंगे मुलाकात

Tamil Nadu News: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के नेता विजय तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। बुधवार को उन्होंने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर दावा पेश किया। हालांकि, राज्यपाल ने बहुमत के स्पष्ट प्रमाण के अभाव में उनके दावे को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। विजय आज यानी 7 मई को एक बार फिर राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इस सियासी घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है।

प्रकाश राज ने राज्यपाल के रवैये पर जताई कड़ी नाराजगी

मशहूर अभिनेता प्रकाश राज ने इस पूरे मामले पर राज्यपाल के व्यवहार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक और निंदनीय बताया। राज ने कहा कि विजय को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, जो सर्वोपरि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विजय को विधानसभा में अपनी शक्ति साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रकाश राज के अनुसार, लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों को रोकना जनमत का अपमान है।

बहुमत के जादुई आंकड़े और राजभवन की आपत्तियां

टीवीके पार्टी के पास वर्तमान में 108 विधायक हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 का समर्थन अनिवार्य है। विजय ने राज्यपाल को कांग्रेस के 5 विधायकों सहित कुल 113 सदस्यों का समर्थन पत्र सौंपा था। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि शपथ ग्रहण के लिए पूरे 118 हस्ताक्षरों वाला पत्र आवश्यक है। उन्होंने विजय से पूछा कि वे 113 विधायकों के साथ एक स्थिर सरकार कैसे चलाएंगे? राजभवन ने विजय से समर्थन देने वाली अन्य पार्टियों और स्थिरता पर स्पष्टीकरण मांगा है।

संविधान और परंपरा: विजय से कहाँ हुई रणनीतिक चूक?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय अनुभव की कमी के कारण एक महत्वपूर्ण रणनीतिक अवसर चूक गए। जानकारों के अनुसार, विजय को सबसे बड़ी पार्टी (Single Largest Party) के नाते सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहिए था। संवैधानिक परंपरा के अनुसार, राज्यपाल अक्सर सबसे बड़े दल को फ्लोर टेस्ट का मौका देते हैं। यदि विजय इस रास्ते को चुनते, तो उन्हें बहुमत जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता था। फिलहाल, जादुई आंकड़े की कमी उनकी राह में बड़ा रोड़ा बनी हुई है।

विधानसभा में शक्ति परीक्षण की चुनौती बरकरार

राज्यपाल ने विजय से भविष्य में बहुमत साबित करने के भरोसे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूछा कि क्या केवल धारणा के आधार पर शपथ दिलाई जा सकती है? राजभवन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नई सरकार सदन में विश्वास मत हारकर तुरंत गिर न जाए। विजय के लिए अगली मुलाकात काफी अहम होने वाली है। उन्हें न केवल अपने सहयोगी दलों को एकजुट रखना होगा, बल्कि राज्यपाल की कानूनी आपत्तियों का भी संतोषजनक उत्तर देना होगा।

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