World News: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पहले ऐसे विदेशी नेता हैं, जिन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद तेहरान का दौरा किया। उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सैन्य नेतृत्व, दोनों के साथ करीबी संबंध हैं। मुनीर ने शनिवार को तीन दिवसीय दौरा पूरा किया। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरे का मकसद शांति समझौता पक्का करना था।
मुनीर के IRGC और कासिम सुलेमानी से भी रहे हैं करीबी संबंध
रिटायर्ड पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद ने बताया कि मुनीर 2016-17 में मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल थे। तभी उन्होंने ईरान से संबंध मजबूत करने शुरू कर दिए थे। वह ईरानी नेतृत्व, इंटेलिजेंस कम्युनिटी और IRGC के साथ लगातार बातचीत करते रहे हैं। सईद ने बताया कि मुनीर के IRGC की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी और कमांडर हुसैन सलामी के साथ भी करीबी संबंध थे। वह ईरान के राजनयिक और राजनीतिक नेतृत्व से भी जुड़े हुए हैं।
अमेरिकी विशेषज्ञ बोले- मुनीर के IRGC संबंध रेड फ्लैग
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के बिल रोगियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। रोगियो ने कहा कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान एक धोखेबाज सहयोगी था। वह दोस्त बनकर तालिबान का समर्थन करता रहा। मुनीर के IRGC से संबंध ट्रंप प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग हैं। वहीं पाकिस्तानी विश्लेषक रजा रूमी ने कहा कि मुनीर जैसी हस्तियों का उभार दिखाता है कि पाकिस्तान में सेना नागरिक नेतृत्व पर लगातार हावी हो रही है।
तीन दिवसीय दौरे पर मुनीर ने किया ईरान का शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात
पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, मुनीर ने शनिवार को ईरान का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री, संसद अध्यक्ष और सैन्य केंद्रीय कमान के प्रमुख से बातचीत की। मुनीर ने शांति वार्ताकारों से भी मुलाकात की। उनका उद्देश्य बढ़ते अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच शांति समझौते को पक्का करना था। मुनीर ऐसे पहले विदेशी नेता हैं, जिन्होंने तनाव बढ़ने के बाद तेहरान का दौरा किया। इससे क्षेत्रीय राजनीति में पाकिस्तान की भूमिका अहम हो गई है।
