World News: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने में महज तीन दिन बचे हैं। इससे पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जरा सी भी गलती की, तो करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को वेनेजुएला जैसा बनाना चाहता है, लेकिन ईरान झुकेगा नहीं।
IRGC का दावा- होर्मुज पर पूरा नियंत्रण ईरान के पास
ईरान के सरकारी टीवी पर IRGC के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज पर पूरा नियंत्रण ईरान के पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका बार-बार अपने वादों से पीछे हट रहा है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तानी आर्मी चीफ के जरिए ईरान को दिया गया था। ईरान ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। ईरान स्थायी शांति के लिए प्रस्तावों की जांच कर रहा है।
ईरान ने कहा- अमेरिका को अपनी जिद छोड़नी होगी
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अपनी जिद छोड़नी होगी। परिषद ने साफ किया कि ईरान होर्मुज पर तब तक नियंत्रण बनाए रखेगा, जब तक युद्ध पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने तक यह नियंत्रण जारी रहेगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह शांति समझौते के लिए अमेरिका के नए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है।
ट्रंप का बड़ा बयान- ईरान के पास नेवी और एयरफोर्स नहीं बची
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन ईरानी शासक बहुत चालाक हो गए हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान बार-बार होर्मुज के मामले में अमेरिका को ब्लैकमेल कर रहा है। उन्होंने धमकी देते हुए कहा, “ईरान के पास कोई नेवी नहीं है। कोई एयरफोर्स नहीं बची है।” ट्रंप के इस बयान ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। अमेरिका ने पहले ही अपनी नौसैनिक ताकत खाड़ी क्षेत्र में तैनात कर रखी है।
तीन दिन बाद खत्म होगा सीजफायर, बढ़ेगा तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने में अब केवल तीन दिन बचे हैं। ईरान ने होर्मुज को बंद कर तनाव को और बढ़ा दिया है। गालिबफ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल की नीलामी करने की कोशिश की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका परीक्षा लेना चाहता है, तो ले ले। ईरान पीछे नहीं हटेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव पर चिंता जता रहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी संकट मंडरा रहा है।
