भारत में मौसम का ‘डबल गेम’: कहीं आंधी-तूफान का कहर, तो कहीं भीषण लू की मार

New Delhi News: मई के महीने में भारत का मौसम दो विपरीत दिशाओं में बदल रहा है। एक तरफ उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का कहर जारी है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी भारत लू (Heatwave) की चपेट में है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार और झारखंड में कुदरत के इस प्रकोप से छह लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर देते हुए बताया कि मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और 1 जून तक केरल पहुंचने की संभावना है।

पूर्वी भारत में तबाही और मुआवजे का ऐलान

बिहार की राजधानी पटना सहित कई इलाकों में आए भीषण तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पेड़ों के गिरने और बिजली के खंभे उखड़ने से तीन लोगों की मौत हुई है। झारखंड के कोडरमा में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जान गंवा दी। राज्य सरकारों ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

पश्चिमी भारत में भीषण लू का प्रकोप

राजस्थान और गुजरात में सूरज के कड़े तेवर बरकरार हैं। राजस्थान के फलौदी में पारा 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर और बाड़मेर में तापमान 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है। आगामी 3-4 दिनों में जोधपुर संभाग में तापमान 45 डिग्री के पार जाने का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में भी भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। लू के चलते प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में बारिश और मानसून की आहट

उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फिलहाल उमस भरी गर्मी का माहौल है, लेकिन जल्द ही राहत की उम्मीद है। 12 मई से यूपी के लखनऊ, कानपुर और आगरा में धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी का नया दौर शुरू होगा। हरियाणा में भी 14 मई तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जो मानसून के सही समय पर आने का संकेत दे रही हैं।

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