तमिलनाडु में ‘थलपति’ विजय का राजतिलक: नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण की तैयारी, क्या बहुमत की अग्निपरीक्षा होगी पार?

Tamil Nadu News: तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। तमिल सुपरस्टार और टीवीके (TVK) प्रमुख विजय रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई के प्रतिष्ठित नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया है। विजय ने गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर 121 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया है। अब नई सरकार को 13 मई तक विधानसभा में अपना विश्वास प्रस्ताव पेश करना होगा।

बहुमत का गणित: सहयोगियों के सहारे ‘विजय’ रथ

तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सदस्यों की आवश्यकता है। टीवीके ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं। चूँकि विजय दो सीटों से जीते हैं, उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे उनकी पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी। इस स्थिति में सदन की कुल संख्या 233 होगी और बहुमत का आंकड़ा 117 रहेगा। कांग्रेस (5), सीपीआई (2), सीपीएम (2), वीसीके (2) और आईयूएमएल (2) के समर्थन के साथ विजय के पास अब कुल 121 विधायकों का मजबूत आंकड़ा है।

अंतिम समय में समर्थन की लहर

सरकार गठन की प्रक्रिया शनिवार को तब तेज हुई जब वीसीके और आईयूएमएल ने आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा। वीसीके नेता थॉल थिरुमावलवन ने टीवीके नेता अधव अर्जुन को समर्थन पत्र दिया। इसके बाद विजय ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। गठबंधन के नेताओं ने कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए विजय के साथ खड़े हैं और जनता ने उन्हें स्पष्ट जनादेश दिया है।

एएमएमके का ‘होर्स ट्रेडिंग’ का गंभीर आरोप

शपथ ग्रहण से ठीक पहले तमिलनाडु की राजनीति में विवाद भी गहरा गया है। एएमएमके (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने राज्यपाल से मिलकर विजय और उनकी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिनाकरन का दावा है कि उनके इकलौते विधायक कामराज को खरीदने की कोशिश की गई है। उन्होंने एक कथित वीडियो का जिक्र करते हुए इसे ‘होर्स ट्रेडिंग’ और फर्जीवाड़ा करार दिया है। दिनाकरन ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर एफआईआर दर्ज कराएंगे।

शपथ के बाद विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन

नेहरू स्टेडियम में भव्य समारोह के बाद विजय की अगली बड़ी चुनौती 13 मई को होगी। राज्यपाल के निर्देशानुसार सरकार को सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करना होगा। विपक्ष के आरोपों और एएमएमके की शिकायत के बीच यह विश्वास मत काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से विजय की सरकार सुरक्षित नजर आ रही है। समर्थक इसे राज्य में सिनेमा और राजनीति के मिलन की एक नई और सफल शुरुआत मान रहे हैं।

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