Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं पर लोकतंत्र का गला घोंटने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित कई भाजपा विधायक स्थानीय चुनावों में सरेआम हस्तक्षेप कर रहे हैं। ‘आप’ के अनुसार, गांवों के विकास से जुड़े इन चुनावों को दलगत राजनीति का अखाड़ा बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों पर बरसी ‘आप’
आम आदमी पार्टी की मंडी इकाई ने भाजपा विधायकों विनोद कुमार, दीपराज, राकेश जमवाल और इंद्र सिंह गांधी की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। संगठन मंत्री पवन कुमार ने कहा कि ये नेता सरेआम अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रवैया आम आदमी के वोट देने के अधिकार का खुला अपमान है। पार्टी का मानना है कि पंचायत चुनाव पार्टी विचारधारा के बजाय गांव की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों पर आधारित होने चाहिए।
कांग्रेस नेताओं पर भी साधा निशाना, बताया ‘एजेंटों का खेल’
आप ने केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया है। पार्टी का आरोप है कि कुछ कांग्रेस नेता भी अपने करीबियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक मर्यादाओं को लांघ रहे हैं। पवन कुमार ने सवाल उठाया कि अगर राजनीतिक दलों को ही पर्दे के पीछे से सब कुछ तय करना था, तो चुनावों का दिखावा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने इन गतिविधियों को ‘लोकतंत्र का मजाक’ करार देते हुए निष्पक्षता की मांग की है।
दलगत राजनीति से मुक्त पंचायत चुनाव की वकालत
आम आदमी पार्टी शुरू से ही स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टीबाजी के हस्तक्षेप का विरोध करती रही है। पार्टी के अनुसार, पंचायत उम्मीदवारों को किसी राजनीतिक पार्टी के एजेंट के रूप में नहीं, बल्कि सेवा के संकल्प के साथ मैदान में उतरना चाहिए। पवन कुमार ने कहा कि पार्टी विचारधारा से मुक्त चुनाव ही ग्रामीण भारत की असली तस्वीर बदल सकते हैं। ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे।
जनता से सीधी अपील: एकजुट होकर करें कड़ा विरोध
मंडी जिला इकाई ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे इन रसूखदार नेताओं और उनके एजेंटों का खुलकर विरोध करें। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा और कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला, तो आम आदमी पार्टी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगी। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया है। ‘आप’ का मानना है कि आने वाले समय में जनता इन ‘दमनकारी नीतियों’ का भारी सबक सिखाएगी।

