केरल में कांग्रेस की ‘बंपर’ जीत के बाद भी फंसा मुख्यमंत्री का पेंच, दिल्ली में हाईकमान की मैराथन बैठक

Kerala News: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दस साल के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक वापसी की है। पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद राज्य के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर सस्पेंस अब भी बरकरार है। पार्टी के भीतर मचे घमासान को सुलझाने के लिए शनिवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कांग्रेस आलाकमान ने घंटों तक मंथन किया ताकि गुटबाजी को रोककर एकजुटता का संदेश दिया जा सके। अब सभी की नजरें अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन दिग्गज नाम

केरल की कमान संभालने के लिए कांग्रेस के भीतर तीन प्रमुख दावेदार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला का नाम सबसे आगे चल रहा है। तीनों ही नेताओं का अपना मजबूत आधार और पार्टी में गहरा प्रभाव है। कांग्रेस आलाकमान किसी भी नेता की नाराजगी का जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसी खींचतान की वजह से फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने कोई भी आधिकारिक घोषणा करने से परहेज किया है।

राहुल गांधी के आवास पर जुटा कांग्रेस नेतृत्व

मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने केरल के वरिष्ठ नेताओं से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ और प्रभारी दीपा दासमुंशी भी मौजूद रहीं। आलाकमान ने पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक से भी विधायकों की राय का फीडबैक लिया ताकि निष्पक्ष फैसला लिया जा सके।

विधायकों के समर्थन का होगा पूरा सम्मान

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवनिर्वाचित विधायकों ने जिस नेता को अपना समर्थन दिया है, पार्टी उसी का सम्मान करेगी। राहुल गांधी ने नेताओं को नसीहत दी कि केरल के विकास के लिए सबको आपसी मतभेद भुलाकर काम करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी राज्य के हित में कुछ कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगी ताकि शासन सुचारू रहे।

तेईस मई से पहले सरकार गठन की तैयारी

बैठक के बाद केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि विधायकों ने सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार आलाकमान को सौंप दिया है। आलाकमान ने लगभग तीन घंटे तक हर पहलू पर गहराई से विचार किया है। केरल में नई सरकार के गठन की अंतिम समय सीमा 23 मई निर्धारित है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि तय समय से काफी पहले ही अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा दी जाएगी।

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