Himachal News: शिमला जिले के नारकंडा में शनिवार को एक भयानक सड़क हादसा होते-होते टल गया। चंडीगढ़ से रामपुर जा रही हरियाणा रोडवेज की एक अनियंत्रित बस सड़क किनारे खड़े ट्राले से जा टकराई। इस टक्कर के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। बस में सवार करीब 13 यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
नारकंडा बाजार के पास हुआ जोरदार हादसा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हरियाणा रोडवेज की बस (HR 67GV-7398) चंडीगढ़ से रामपुर की ओर जा रही थी। दोपहर के समय जैसे ही बस नारकंडा बाजार के पास पहुंची, चालक नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद बस सीधे सड़क किनारे खड़े एक ट्राले (PB 65AS-0829) से जा भिड़ी। बस को सोनीपत निवासी संदीप कुमार चला रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया और सवारियां अपनी सीटों से उछल गईं।
यात्रियों ने सुनाई हादसे की खौफनाक दास्तां
कुल्लू जिले के निरमंड निवासी खेम चंद ने बताया कि वह भी उसी बस में सवार थे। उन्होंने बताया कि टक्कर के बाद बस के भीतर चीख-पुकार मच गई थी। खेम चंद के अनुसार बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक उसे लापरवाही से चला रहा था। हादसे में कई लोगों को मामूली चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार मिलने के बाद अधिकांश यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। लोगों ने चालक की ड्राइविंग पर कड़ा रोष जताया है।
पुलिस ने चालक के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही नारकंडा पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार ने यात्रियों के बयान दर्ज किए। पुलिस की शुरुआती जांच में बस चालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने आरोपी चालक संदीप कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है।
लापरवाही और तेज रफ्तार बनी दुर्घटना की वजह
शिमला पुलिस ने इस सड़क हादसे के कारणों को लेकर चालक को जिम्मेदार ठहराया है। नारकंडा जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाना किसी बड़े खतरे को दावत देने जैसा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान की है। गनीमत यह रही कि यह टक्कर किसी गहरी खाई की तरफ नहीं हुई, अन्यथा परिणाम बहुत भयावह हो सकते थे।

