Himachal News: हिमाचल प्रदेश की अदालतों में शनिवार को न्याय की एक नई इबारत लिखी गई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ ने वर्षों से चल रहे मुकदमों का अंत कर दिया। प्रदेश भर में आयोजित इस भव्य अभियान के दौरान हजारों लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिला। इस आयोजन ने न केवल कानूनी बोझ को कम किया, बल्कि आपसी सहमति से विवादों को सुलझाने की दिशा में भी एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है।
न्यायाधीशों के कुशल मार्गदर्शन ने दिलाई सफलता
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायाधिपति गुरमीत सिंह संधावालिया के संरक्षण में यह सफल आयोजन हुआ। वहीं, प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधिपति विवेक सिंह ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन ने इस पूरे अभियान को नई गति प्रदान की। प्रदेश भर में मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष रूप से 140 न्यायिक बैंचों का गठन किया गया था। इन बैंचों के सामने लाखों मामले पेश हुए, जिनमें से आधे से ज्यादा का निपटारा मौके पर ही हो गया।
रिकॉर्ड 55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का निपटारा
इस महाअभियान के दौरान कुल 1,10,260 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे। आंकड़ों के अनुसार, रिकॉर्ड 65,793 मामलों का आपसी रजामंदी से मौके पर ही निपटारा किया गया। लोक अदालत के प्रभावी माध्यम से दावेदारों को कुल 55,68,32,166 रुपए की भारी राशि पुरस्कृत की गई। इस ऐतिहासिक सफलता ने साबित कर दिया कि लोक अदालतें आम जनता के लिए न्याय का सबसे सरल और प्रभावशाली रास्ता बनती जा रही हैं।
तकनीक का जलवा: ई-पे से मिनटों में भरे गए चालान
इस बार की लोक अदालत में तकनीकी नवाचार का भी बड़े स्तर पर प्रयोग किया गया। ट्रैफिक मैजिस्ट्रेट के न्यायालयों में मोटर वाहन चालान निपटाने के लिए ई-पे (डिजिटल भुगतान) की विशेष सुविधा मिली। लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से ही अपना कंपाऊंडिंग शुल्क जमा किया, जिससे कोर्ट में भीड़ कम रही। जनता को जागरूक करने के लिए रेडियो, समाचार पत्र और पैरा लीगल वाॅलंटियर्स ने घर-घर जाकर विशेष अभियान चलाया, जिससे लोगों की भागीदारी अभूतपूर्व रही।
सस्ता और सुलभ न्याय ही मुख्य उद्देश्य
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत सिंह ठाकुर ने लोक अदालत के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आम आदमी को बिना किसी मानसिक तनाव के त्वरित न्याय दिलाना है। इस अभियान की सफलता में वादियों और सभी हितधारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रंजीत सिंह ठाकुर ने इस भारी सफलता के लिए पूरी न्यायिक टीम और जनता का आभार व्यक्त किया। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

