Himachal News: शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। स्पेशल सेल ने लालपानी बस स्टॉप इलाके में कार्रवाई करते हुए पंजाब के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनकी गाड़ी से दस ग्राम चिट्टा और कुछ नकदी बरामद की है। दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। राजधानी को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है। अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तेजी से तलाश की जा रही है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
शनिवार सुबह पुलिस की स्पेशल टीम लालपानी क्षेत्र में गश्त कर रही थी। तभी उन्हें नशा तस्करों के बारे में एक सटीक गुप्त सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि एक वाहन में दो लोग शिमला में चिट्टा सप्लाई करने आए हैं। वे लालपानी में एक चाय की दुकान के पास नशा देने वाले थे। इस अहम जानकारी के मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उस संदिग्ध वाहन को चारों तरफ से घेर लिया।
पंजाब के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस टीम ने जब वाहन में मौजूद दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की तो उन्होंने अपनी पहचान बताई। इनमें से एक निशान सिंह पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी गुरप्रीत सिंह कपूरथला जिले का निवासी है। एक स्वतंत्र गवाह के सामने जब उनके वाहन की तलाशी ली गई तो दस ग्राम हेरोइन मिली। इसके साथ ही नशीले पदार्थ की बिक्री से जुड़ा कुछ नकद पैसा भी बरामद किया गया।
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में साफ हो गया है कि दोनों आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी में पूरी तरह शामिल थे। सदर पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस एक्ट की धारा इक्कीस और उनतीस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि शिमला में ये लोग किसे नशा सप्लाई करते थे। पुलिस उनके स्थानीय संपर्कों और इस बड़े नेटवर्क में शामिल अन्य तस्करों का भी पता लगा रही है।
बाहरी राज्यों के वाहनों पर कड़ी निगरानी
शिमला पुलिस शहर में नशे के खिलाफ एक बहुत बड़ा और सख्त अभियान चला रही है। विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आने वाले सभी संदिग्ध वाहनों और लोगों पर पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस विभाग का स्पष्ट कहना है कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। शहर को नशामुक्त बनाने और तस्करों के मंसूबों को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए आगे भी ऐसी बड़ी कार्रवाइयां होती रहेंगी।

