Lifestyle News: कार्यस्थलों पर प्रेम संबंधों का बढ़ता चलन आज एक वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। फोर्ब्स एडवाइजर के हालिया सर्वेक्षण ने इस दिशा में कई चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी ऑफिस में अफेयर चला रहे हैं। वहीं लगभग 43 प्रतिशत रिश्ते शादी की मंजिल तक पहुंच रहे हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच की सीमाएं अब तेजी से धुंधली होती जा रही हैं।
रिश्तों की वजह से प्रदर्शन पर पड़ रहा बुरा असर
ऑफिस में पनपने वाले ये रिश्ते केवल भावनाओं तक सीमित नहीं हैं। सर्वे में शामिल 57 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि इन अफेयर्स ने उनके कार्य प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिलचस्प बात यह है कि 35 प्रतिशत कर्मचारी अपने नियोक्ता को इस रिश्ते की जानकारी देना जरूरी नहीं समझते। यह गोपनीयता अक्सर कार्यस्थल के माहौल में तनाव पैदा करती है। प्रबंधन अब एचआर सॉफ्टवेयर के जरिए ऐसे जोखिमों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
धोखे और बेवफाई का बढ़ता ग्राफ
सर्वेक्षण के सबसे परेशान करने वाले आंकड़े बेवफाई से संबंधित हैं। रिपोर्ट बताती है कि 40 प्रतिशत लोग अपने सहकर्मी के साथ जुड़कर अपने वास्तविक पार्टनर को धोखा दे रहे हैं। इसके अलावा करीब 50 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों के साथ फ्लर्ट करने की बात भी स्वीकार की है। यह रुझान स्पष्ट करता है कि दफ्तर के भीतर आपसी लगाव अब केवल दोस्ती तक सीमित नहीं रह गया है। यह व्यक्तिगत नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
दफ्तर में अफेयर होने के पीछे के मुख्य कारण
अफेयर्स के पीछे ‘कम्फर्ट’ सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है। करीब 65 प्रतिशत लोग कार्यस्थल पर मिलने वाले मानसिक आराम की वजह से करीब आते हैं। समय की कमी भी एक बड़ा फैक्टर है। 61 प्रतिशत लोगों का कहना है कि दफ्तर के बाहर लोगों से मिलने का समय नहीं मिलता। वहीं कार्यस्थल पर साझा किए गए अनुभव और साथ बिताया गया समय भी सहकर्मियों को एक-दूसरे के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
करियर और व्यक्तित्व पर पड़ने वाले गंभीर परिणाम
ऑफिस रोमांस सुनने में भले ही रोमांचक लगे, लेकिन इसके नतीजे करियर के लिए घातक हो सकते हैं। प्रोफेशनल वर्ल्ड में एक गलत फैसला सालों की मेहनत को बर्बाद कर सकता है। सर्वेक्षण के अनुसार ये संबंध व्यक्ति के आत्म-दृष्टिकोण और व्यक्तित्व को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि करियर की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रोफेशनल लिमिट्स का सम्मान करना बेहद जरूरी है। अनुशासनहीनता अक्सर तरक्की के रास्ते बंद कर देती है।

