West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुए इस भव्य समारोह ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया।
शपथ ग्रहण समारोह में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन मंच पर मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी समारोह में हिस्सा लिया। राज्यपाल आर.एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शुभेंदु के साथ दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
शपथ के बाद सीधे काम पर लौटे मुख्यमंत्री शुभेंदु
मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते ही शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने का संकेत दिया। उन्होंने कोलकाता में राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा की। शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार का मुख्य एजेंडा बंगाल का विकास और कानून का राज स्थापित करना है। उन्होंने प्रशासन को निष्पक्षता से काम करने के निर्देश दिए हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
शुभेंदु अधिकारी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत महापुरुषों को नमन कर की। चूंकि आज गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, इसलिए मुख्यमंत्री जोरासांको स्थित टैगोर के पैतृक आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान के बिना पश्चिम बंगाल की स्थिति पड़ोसी देशों जैसी होती। उन्होंने 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस’ घोषित करने का भी बड़ा ऐलान किया।
ममता बनर्जी की एकजुटता की अपील और आरोप
दूसरी ओर, सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने वामपंथी दलों से भी साथ आने की अपील की। ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा बिना जानकारी के हटा दी गई है और उनके आवास के बाहर अराजक तत्व हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हो रहे कथित अत्याचारों पर भी चिंता जताई। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
चुनाव परिणामों में भाजपा की प्रचंड जीत
बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटों पर भारी जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था। टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई, जिससे ममता बनर्जी का लंबा शासन खत्म हो गया। शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। अब बंगाल की कमान पूरी तरह भाजपा के हाथों में है। जनता को उम्मीद है कि नई सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

