Mumbai News: मातृत्व का सफर किसी भी महिला के लिए चुनौतियों भरा होता है, लेकिन जब जिम्मेदारी अकेले कंधों पर हो, तो यह और भी साहसी हो जाता है। बॉलीवुड की कई मशहूर अभिनेत्रियों ने समाज की पुरानी रूढ़ियों को तोड़ते हुए सिंगल मदर बनने का फैसला किया। करियर की चमक-धमक के बीच इन सितारों ने अपने बच्चों की परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ी। मातृ दिवस 2026 के मौके पर आइए जानते हैं उन साहसी माताओं को जिन्होंने संघर्ष और अटूट प्रेम की नई मिसाल पेश की है।
सुष्मिता सेन: गोद लेकर मातृत्व को दी नई परिभाषा
पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन ने दो दशक पहले एक क्रांतिकारी कदम उठाया था। उन्होंने बेहद कम उम्र में रेनी को गोद लिया और सिंगल मदर बनकर सबको चौंका दिया। इसके कुछ वर्षों बाद उन्होंने अपनी दूसरी बेटी आलिशा का स्वागत किया। सुष्मिता ने साबित किया कि मां बनने के लिए शादी अनिवार्य नहीं है। उन्होंने अपने अभिनय करियर और ममता के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया। आज उनकी दोनों बेटियां स्वतंत्र और आत्मविश्वास से भरी युवा महिलाएं बन चुकी हैं।
करिश्मा कपूर: तलाक के बाद बनीं बच्चों की ढाल
करिश्मा कपूर ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उद्योगपति संजय कपूर से अलग होने के बाद उन्होंने अपने बच्चों, समायरा और कियान की जिम्मेदारी अकेले ही संभाली। उन्होंने बच्चों की स्थिरता को हमेशा प्राथमिकता दी और उन्हें लाइमलाइट से दूर एक सामान्य वातावरण प्रदान किया। करिश्मा अक्सर अपने बच्चों के साथ भावनात्मक तस्वीरें साझा करती हैं। वह आज के समय में कई महिलाओं के लिए शक्ति और धैर्य का एक बड़ा प्रतीक मानी जाती हैं।
नीना गुप्ता: पारंपरिक समाज के खिलाफ बुलंद की आवाज
नीना गुप्ता का संघर्ष बॉलीवुड के इतिहास में सबसे प्रेरणादायक माना जाता है। उन्होंने तब अपनी बेटी मसाबा गुप्ता को अकेले पालने का फैसला किया, जब समाज इसके लिए तैयार नहीं था। उन्होंने न केवल फिल्म जगत में अपनी पहचान दोबारा बनाई, बल्कि मसाबा को एक सफल फैशन डिजाइनर बनने में मदद की। आज नीना और मसाबा की जोड़ी मनोरंजन जगत की सबसे सम्मानित और साहसी मां-बेटी की जोड़ियों में गिनी जाती है।
अमृता सिंह: बच्चों के करियर के लिए समर्पित किया जीवन
सैफ अली खान से तलाक के बाद अमृता सिंह ने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली थी। उन्होंने अपना पूरा समय सारा अली खान और इब्राहिम अली खान की परवरिश में लगाया। सारा आज अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां के मार्गदर्शन और मेहनत को देती हैं। अमृता ने सुनिश्चित किया कि उनके बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा मिले। सारा और इब्राहिम का अपनी मां के प्रति गहरा लगाव उनके त्याग की गवाही देता है।
पूजा बेदी और रवीना टंडन: आधुनिक मातृत्व की मिसाल
पूजा बेदी ने अपनी बेटी आलिया और बेटे ओमर को अकेले पालते हुए हमेशा खुलेपन और ईमानदारी को बढ़ावा दिया। उन्होंने सिंगल पेरेंटिंग की वास्तविक चुनौतियों पर खुलकर बात की। वहीं, रवीना टंडन ने अपनी शादी से पहले ही दो बेटियों, छाया और पूजा को गोद लेकर समाज को बड़ा संदेश दिया था। रवीना ने अपनी परिपक्वता से यह साबित किया कि मातृत्व का रिश्ता केवल खून का नहीं, बल्कि सुरक्षा और पोषण की गहरी भावना का होता है।

