हंता वायरस का खतरा: क्या यह कोरोना की तरह एक इंसान से दूसरे में फैलता है? जानें एक्सपर्ट की राय

New Delhi News: हाल ही में एक लग्जरी क्रूज शिप पर हंता वायरस के मामले सामने आने के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। लोग डरे हुए हैं कि क्या यह कोरोना की तरह एक नई महामारी का रूप ले सकता है। एशियन हॉस्पिटल के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. चारु दत्त अरोड़ा ने इस पर स्पष्टता दी है। उनके अनुसार, हंता वायरस और कोरोना के फैलने के तरीके में जमीन-आसमान का अंतर है, इसलिए घबराने के बजाय सही जानकारी होना जरूरी है।

क्या छूने से फैलता है हंता वायरस?

डॉ. चारु दत्त अरोड़ा के मुताबिक, हंता वायरस छूने से या संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से नहीं फैलता है। यह कोरोना की तरह हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में संचारित नहीं होता। यदि आप किसी हंता वायरस मरीज से हाथ मिलाते हैं या उसके पास बैठते हैं, तो आपको संक्रमण का खतरा नहीं है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और उनके अवशेषों से जुड़ा है, न कि मानव-टू-मानव ट्रांसमिशन से।

संक्रमण का असली कारण और प्रसार

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हंता वायरस संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी दूषित जगह को छूता है और फिर उन्हीं हाथों से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूता है, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। चूहों के काटने से भी यह बीमारी हो सकती है। यह वायरस ‘हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम’ का कारण बनता है, जो सीधे फेफड़ों पर हमला करता है।

लक्षण और बचाव के प्रभावी उपाय

हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें थकान, बुखार और मांसपेशियों में दर्द शामिल है। हालांकि, गंभीर स्थिति में यह फेफड़ों और किडनी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। वर्तमान में इसके लिए कोई विशिष्ट दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, केवल ‘सपोर्टिव केयर’ ही इलाज का आधार है। बचाव के लिए अपने घर और आसपास चूहों को पनपने न दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना अनिवार्य है।

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